पंचायत राज विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर बढ़ी हलचल,गोपनीय जांच की उठी मांग-कुछ अधिकारी प्रभावशाली जनपदों में तैनाती तथा अतिरिक्त प्रभार हासिल करने के लिए प्रयासरत
सूत्र: पंचायत राज विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर बढ़ी हलचल, गोपनीय जांच की उठी मांग
लखनऊ/हरदोई। पंचायत राज विभाग में प्रस्तावित ट्रांसफर-पोस्टिंग एवं प्रभार आवंटन को लेकर विभागीय गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है कि इस बार भी कुछ महत्वपूर्ण पदों और जनपदों में तैनाती को लेकर अंदरखाने जोरदार गतिविधियां चल रही हैं।
सूत्रों का दावा है कि कुछ अधिकारी प्रभावशाली जनपदों में तैनाती तथा अतिरिक्त प्रभार हासिल करने के लिए प्रयासरत हैं। विभागीय चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि कुछ स्थानों पर कथित रूप से आर्थिक लेन-देन और सिफारिशों के आधार पर पदस्थापन की कोशिशें की जा रही हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सूत्रों के अनुसार सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी (प्राविधिक) पद पर कार्यरत कुछ अधिकारियों को जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) का प्रभार दिए जाने की संभावनाओं को लेकर भी विभाग में चर्चाएं हैं। इस संबंध में पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि यदि ट्रांसफर-पोस्टिंग एवं प्रभार आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं रही तो इससे शासन की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति की छवि प्रभावित हो सकती है।
सूत्र बताते हैं कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं गोपनीय जांच कराए जाने की मांग शासन स्तर तक पहुंचाई गई है। साथ ही ट्रांसफर-पोस्टिंग और प्रभार आवंटन से संबंधित सभी निर्णयों की समीक्षा तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग भी की गई है।
फिलहाल शासन अथवा पंचायत राज विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में आरोपों एवं चर्चाओं की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आईरा न्यूज़ नेटवर्क (“सूत्रों के अनुसार” आधारित समाचार, आधिकारिक पुष्टि शेष)


















