आबकारी विभाग लें रहा मुफ्त की तनखाह,पुलिस ने नष्ट की 10 हजार लीटर लहन, 2 अवैध भट्ठियां

काशीपुर / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,एक ओर जहां आबकारी विभाग अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रहा है, वहीं स्थानीय पुलिस लगातार कार्रवाई कर विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। आबकारी विभाग का काम अब पुलिस को करना पड़ रहा है, जिसे लेकर विभाग के आला अफसरों की भूमिका पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं।
पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधम सिंह नगर के आदेश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री व तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली आईटीआई पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक काशीपुर व क्षेत्राधिकारी काशीपुर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली आईटीआई के आदेश पर पुलिस टीम ने मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर ग्राम कनकपुर में छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान खेतों के किनारे चल रही 2 अवैध कच्ची शराब की भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया गया। साथ ही शराब बनाने के उपकरण जब्त कर लगभग 10,000 लीटर लहन को मौके पर ही नष्ट किया गया।
पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस ने अवैध कच्ची शराब तस्करों को कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि या तो वे अपनी हरकतों से बाज आ जाएं या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहें। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब की रोकथाम करना आबकारी विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन विभाग पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है। आरोप है कि विभाग के आला अफसरों की कथित लापरवाही और भ्रष्टता के चलते अवैध कारोबारी बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। यही वजह है कि पुलिस को आबकारी विभाग का काम करना पड़ रहा है।
लोगों में चर्चा है कि अगर पुलिस इसी तरह सक्रियता दिखाती रही तो अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लग सकता है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर आबकारी विभाग कब अपनी जिम्मेदारी निभाएगा?
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
इस कार्रवाई में अपर उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह गड़िया, हे0का0 सिराज हुसैन, का0 दीपक जोशी, रमेश बांग्याल तथा नरेश चौहान शामिल रहे।


















