आंबेडकर जयंती संगोष्ठी में समता,न्याय और बंधुता आधारित समाज निर्माण पर जोर

आंबेडकर जयंती संगोष्ठी में समता,न्याय और बंधुता आधारित समाज निर्माण पर जोर ||
थाई बौद्ध विहार में धम्म क्रांति की गूंज, बाबा साहेब के संघर्ष को अपनाने का आह्वान ||
“शिक्षित बनो,संगठित हो,संघर्ष करो” आंबेडकर जयंती पर गूंजा प्रेरणादायी संदेश ||
धम्म देशना में बाबा साहेब के विचारों को जीवन में उतारने का आह्वान ||
सारनाथ में गूंजा संकल्प,डॉ भीमराव आंबेडकर के विचारों पर चलकर बनेगा समता का समाज ||
आंबेडकर जयंती पर धम्म संगोष्ठी सामाजिक न्याय और शिक्षा को बताया बदलाव का सबसे बड़ा हथियार ||
संविधान से मिला अधिकार,अब कर्तव्य निभाने का समय आंबेडकर जयंती पर वक्ताओं का संदेश ||
सारनाथ में आंबेडकर जयंती पर जुटे प्रबुद्धजन,समता-न्याय आधारित भारत निर्माण का लिया संकल्प ||
वाराणसी :- धम्म प्रशिक्षण केंद्र द्वारा विपश्यना हाल,थाई बौद्ध विहार सारनाथ वाराणसी में बोधिसत्व भारतरत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर की 135 वीं जयन्ती मनाई गई | जयन्ती के सुअवसर परमपूज्य भदन्त गुरु धम्मो महाथेरो जी ने सभी को त्रिसरण एवं पंचशील देकर कार्यक्रम की शुरुआत की | संगोष्ठी में बोधिसत्व डॉ भीमराव आंबेडकर का जीवन संघर्ष एवं हमारा उत्तर दायित्व विषय पर धम्म देशना में पूज्य भंते जी ने कहा कि बाबा साहेब आजीवन सामाजिक न्याय,आर्थिक न्याय और राजनीतिक न्याय के लिए संघर्ष किए और शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम माना,शिक्षित बनो,संगठित हो,संघर्ष करो का संदेश दिया,उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में दृढ़ संकल्प और मेहनत से सफलता प्राप्त की जा सकती है | बाबा साहेब ने देश को दुनिया का सर्वोत्कृष्ट संविधान देकर सभी नागरिकों के अधिकार,सम्मान और सहभागिता सुनिश्चित किए |
पूज्य भंते ने 14 अक्टूबर 1956 की नागपुर में घटित पवित्र धम्म क्रांति के बारे में भी विस्तार से चर्चा किए,और लोगों से डॉ आंबेडकर के संघर्ष को अपने जीवन का संघर्ष बनाने का आवाहन किया | डा0 विनोद कुमार,वरिष्ठ सर्जन,सार्थक सर्जिकल हॉस्पिटल पहड़िया ने कहा कि संविधान लागू होने के 75 वर्ष बाद भी डॉ आंबेडकर की विचार उनका संघर्ष जीवंत है हर प्रकार की समस्या के निराकरण के लिए लोग बाबा साहेब की फ़ोटो लगाकर संघर्ष कर रहे हैं यह शक्ति सभी को डॉ आंबेडकर के जीवन संघर्ष से ही मिली है |
जे.पी.बौद्ध ने कहा कि बाबा साहेब ने जो सबसे बड़ा काम किया वो इंसान को इंसान होने का एहसास कराया | आर.डी. प्रसाद ने कहा कि बाबा साहेब जाति विहीन तथा वर्ग विहीन समाज बनाना चाहते थे हम सभी को मिलकर समता, स्वतंत्रता,न्याय व बन्धुता पर आधारित समाज के निर्माण के लिए संघर्ष करना होगा तभी उनके सपनों का भारत बन पाएगा | कैप्टन साहब ने कहा कि आज देश में गरीबी,बेरोजगरी,जातिगत हिंसा, महिला उत्पीड़न और भष्टाचार बढ़ रहा है,इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए डॉ आंबेडकर के बताए गए रास्ते पर चलना होगा दूसरा कोई विचार और दर्शन से हमारा कल्याण नहीं हो सकता |
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता हरि प्रसाद ने और संचालन डॉ सन्तोष कुमार ने किया | मुख्य रूप से डॉ अनिल कुमार,डायरेक्टर,सौभाग्य दीप हॉस्पिटल गंगापुर,जी.एल.सिंह,लाल बहादुर, अमरनाथ मौर्य,ललित मौर्य,जय प्रकाश, राजकुमारी,तारा देवी,इंजी.अनन्द सेन, इंजी.अजित कुमार,पूर्व विधायक, शिवबोध राम और विजय भाष्कर ने विचार व्यक्त किए ||




























