वाराणसी/उत्तरप्रदेश

आईयूसीटीई वाराणसी में ‘एडटेक कनेक्ट’ अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का पाँचवाँ दिन आयोजित

WhatsApp Image 2026-04-18 at 09.08.39
previous arrow
next arrow

तकनीक आधारित मूल्यांकन से शिक्षा प्रणाली हो रही अधिक प्रभावी – प्रो.वी.वी. एस.कुमार ||

एनईपी के तहत प्रौद्योगिकी-सक्षम मूल्यांकन से छात्रों की सीखने की प्रक्रिया होगी मजबूत ||

रिफ्लेक्टिव प्रैक्टिस और डिजिटल वेलबीइंग पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार ||

डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता पर आईयूसीटीई में हुई विशेष चर्चा ||

शिक्षा में तकनीक के उपयोग से नेतृत्व और प्रबंधन की नई संभावनाएँ – प्रो. आशीष श्रीवास्तव ||

11 देशों के 25 शिक्षक आईयूसीटीई के सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल ||

वाराणसी :- अन्तर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र (आईयूसीटीई) वाराणसी में “द एडटेक कनेक्ट एम्पावरिंग द ग्लोबल साउथ” विषय पर सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाँचवें दिन की शुरुआत प्रो.वी.वी.एस. कुमार,पूर्व चेयरमैन,नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च, चेन्नई ने “टेक्नोलॉजी-एनेबल्ड फ़ॉर्मेटिव और समेटिव असेसमेंट” विषय पर चर्चा की उन्होंने कहा कि डिजिटल उपकरण शिक्षा में मूल्यांकन की प्रक्रिया को अधिक संवादात्मक और डेटा-आधारित बना रहे हैं साथ ही उन्होंने कहा कि तकनीक का समावेश छात्रों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने में सहायक है |

इसी सत्र में डॉ.जे.के.त्रिपाठी,संयुक्त सचिव यूजीसी.,नई दिल्ली ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अंतर्गत प्रौद्योगिकी -सक्षम प्रारूपिक और संपूर्ण मूल्यांकन की भूमिका पर चर्चा की उन्होंने कहा कि एनईपी के प्रावधान छात्रों की सीखने की प्रक्रिया को सशक्त बनाने में सहायक हैं |

द्वितीय सत्र में प्रो.तनु टंडन चंडीगढ़ विश्वविद्यालय चंडीगढ़ ने “रिफ्लेक्टिव प्रैक्टिसेज़ और प्रोफ़ेशनल डेवलपमेंट पाथवे” तथा “साइबर हाइजीन और डिजिटल वेलबीइंग” पर विचार साझा किए | उन्होंने ने बताया कि निरंतर आत्ममूल्यांकन और सीखने की प्रक्रिया शिक्षकों तथा पेशेवरों को नई दिशा प्रदान करती है | तृतीय सत्र में डॉ.राजा पाठक सहायक आचार्य आईयूसीटीई ने “मॉडल्स ऑफ डिजिटल गवर्नेंस एंड इंस्टिट्यूशनल स्ट्रक्चर्स” तथा “ट्रांसपेरेंसी,एथिक्स और अकाउंटेबिलिटी इन डिजिटल सिस्टम्स” पर विशेष चर्चा की | उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बना रही है साथ ही उन्होंने डिजिटल प्रणालियों में पारदर्शिता,नैतिकता और जवाबदेही को सुशासन के लिए अनिवार्य बताया |

चौथे सत्र में प्रो.आशीष श्रीवास्तव,संकाय प्रमुख (शैक्षणिक एवं शोध),आईयूसीटीई ने “लीडरशिप फ्रेमवर्क्स इन टेक्नोलॉजी -एन्हैंस्ड एजुकेशन” तथा “लीगल एंड रेगुलेटरी फ्रेमवर्क्स फॉर एड-टेक” विषय पर विशेष चर्चा की उन्होंने ने बताया कि डिजिटल साधनों के प्रयोग से शिक्षा में नेतृत्व और प्रबंधन की नई संभावनाएँ खुल रही हैं |

इस कार्यक्रम में श्रीलंका,कम्बोडिया, घाना,किर्गिस्तान,मॉरीशस,थाईलैंड, युगांडा,उज्बेकिस्तान,ताजिकिस्तान और इथियोपिया,ट्यूनीशिया 11 देशों के 25 शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं | कार्यक्रम के निदेशक प्रो.आशीष श्रीवास्तव,संकाय प्रमुख (शैक्षणिक एवं शोध),आईयूसीटीई हैं जबकि इसका समन्वयन डॉ.राजा पाठक,सहायक आचार्य आईयूसीटीई द्वारा किया जा रहा है | सह-समन्वयक के रूप में डॉ.सुनील कुमार त्रिपाठी सहायक आचार्य आईयूसीटीई अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं | केंद्र के अन्य समस्त संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों ने भी इस अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफल आयोजन प्रक्रिया में सक्रिय योगदान कर रहे हैं ||

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button