मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा ने पंजाबारी में पूरबी डेयरी प्लांट के विस्तार का किया भूमि पूजन

की प्रसंस्करण क्षमता दोगुनी होकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन होगी
गुवाहाटी, जुलाई 20, 2025: असम के दुग्ध क्षेत्र में हो रहे विस्तार के चलते, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा ने आज गुवाहाटी के पंजाबारी स्थित पूरबी डेयरी प्लांट के विस्तार हेतु पश्चिम असम दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (वामुल) द्वारा आयोजित भूमि पूजन समारोह में भाग लिया। इस अप्ग्रेडिड यानि उन्नत सुविधा के माध्यम से प्लांट की दूध प्रसंस्करण क्षमता 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन (एल एल पी डी) से बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन (एल एल पी डी) की जाएगी। इस समारोह में असम सरकार के सहकारिता मंत्री जोगेन महन, पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री कृष्णेंदु पॉल, मुख्य सचिव रवि कोटा (आई ए एस), राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एन डी डी बी) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
104 करोड़ रुपये की यह विस्तार परियोजना, इस वर्ष फरवरी में आयोजित एडवांटेज असम 2.0 समिट के दौरान पश्चिम असम दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (वामुल) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एन डी डी बी) के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एम ओ यू) के अनुसार है। यह पहल दुग्ध मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने और ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों के लिए सतत आजीविका सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा, “पूरबी डेयरी प्लांट का विस्तार दुग्ध क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर असम’ के हमारे दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्लांट की प्रोसेसिंग क्षमता को दोगुना करके, हम राज्य के अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध करवा रहे हैं, साथ ही अपने लोगों के लिए पोषण सुरक्षा को भी बढ़ा रहे हैं। मैं एन डी डी बी और पूरबी, को असम की दुग्ध पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण आजीविका को समर्थन देने के उनके प्रयासों के लिए बधाई देता हूँ।”
डॉ. मीनेश शाह, अध्यक्ष, एन डी डी बी और अध्यक्ष, वामुल ने कहा “आज का दिन पूरबी डेयरी और उन सहकारी परिवारों के लिए एक गर्व का क्षण है, जिनका हम प्रतिनिधित्व करते हैं। पूरबी डेयरी प्लांट का यह विस्तार सहकारिता की शक्ति और दूरदर्शिता का एक सशक्त उदाहरण है। इस विस्तार के साथ, हम इस बढ़ते हुए दुग्ध नेटवर्क को सहयोग देने की क्षमता का निर्माण कर रहे हैं—जिसमें दूध संग्रहण को बेहतर बनाना, प्रसंस्करण को सुव्यवस्थित करना और पूरे क्षेत्र में अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचना शामिल है। वामुल और एन डी डी बी असम सरकार की दुग्ध विकास योजना को आवश्यक अधोसंरचना और संस्थागत ढांचे के माध्यम से दीर्घकालिक स्थायित्व और विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
पंजाबारी स्थित यह प्लांट, जिसे पूरबी डेयरी ब्रांड के तहत वेस्ट असम मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड (वामुल) संचालित करता है, पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट है। इस विस्तार परियोजना के तहत प्लांट की दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन (एल एल पी डी) से बढ़ाकर 3.0 लाख लीटर प्रतिदिन (एल एल पी डी) की जाएगी, जिसमें पाश्चराइज्ड पैकेट दूध का उत्पादन 1.15 एलएलपीडी से बढ़कर 2.0 एलएलपीडी होगा। साथ ही, इसमें 20 हजार लीटर प्रतिदिन (टी एल पी डी) क्षमता का आइसक्रीम उत्पादन यूनिट शामिल होगा, जिसे 30 टीएलपीडी तक बढ़ाया जा सकेगा और अन्य डेयरी उत्पादों का उत्पादन कुल मिलाकर 70 टी एल पी डी तक किया जाएगा। विस्तारित इकाई को ऐसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा जो संचालन क्षमता को बढ़ाएंगी और दूध एवं दुग्ध उत्पादों की बढ़ती उपभोक्ता मांग को पूरा करने में सक्षम होंगी।
बढ़ी हुई क्षमता से राज्य भर के हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे प्रसंस्करण अधोसंरचना में सुधार होगा और उनके उत्पाद के लिए एक विश्वसनीय बाजार बन सकेगा। यह प्लांट असम डेयरी विकास योजना (ए डी डी पी) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य भर में औपचारिक डेयरी क्षेत्र में प्रतिदिन 10 लाख लीटर (एल एल पी डी)दूध का प्रसंस्करण करना है।
पंजाबारी प्लांट को पहले वर्ल्ड बैंक द्वारा वित्तपोषित ए पी ए आर टी परियोजना के तहत प्रतिदिन 60,000 लीटर से बढ़ाकर 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता तक अपग्रेड किया गया था। इस प्लांट ने पूरे राज्य में पूरबी उत्पादों के वितरण को बढ़ावा दिया, जिससे उद्घाटन के 18 महीनों के भीतर लगभग 100% क्षमता उपयोग हो गया और इसी कारण प्लांट के वर्तमान विस्तार की आवश्यकता पड़ी।
विस्तारित प्लांट को अगले 18 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्लांट का विस्तार असम के सहकारी डेयरी आंदोलन की प्रगति और पूरबी उत्पादों में उपभोक्ताओं के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।


















