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स्योहारा में तथाकथित महिला पत्रकार की संदिग्ध गतिविधियाँ बनीं नगरवासियों की चिंता का कारण-थाने मे मजबूत सैटिंग का करती है दावा !!

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📰 स्योहारा में तथाकथित महिला पत्रकार की संदिग्ध गतिविधियाँ बनीं नगरवासियों की चिंता का कारण-थाने मे मजबूत सैटिंग का करती है दावा !!

📍 स्योहारा (बिजनौर), 22 जून 2025
✍️ संवाददाता – आईरा न्यूज़ नेटवर्क

स्योहारा नगर में एक तथाकथित महिला द्वारा खुद को पत्रकार बताकर स्थानीय जनता को भ्रमित करने और पुलिस मामलों में ‘थाने की सेटिंग’ और फर्ज़ी मुकदमा कराने जैसे दावे करने की गतिविधियाँ इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं। वही एक पीड़ित तीन बच्चों की विधवा महिला को सास ससुर द्वारा घर से निकालने के मामले मे ₹20 लाख मे सैटिंग अन्यथा फर्ज़ी मुकदमे में फसाने की धमकी का मामला भी जोरो से चर्चा का विषय बना हुआ है जब कि उक्त पीडिता के शिकायती पत्र पर मानवाधिकार आयोग व महिला आयोग ने पुलिस अधीक्षक बिजनोर को जाँच कर आख्या प्रेषित करने का नोटिस जारी किया है नगर के कई मोहल्लों में यह महिला आईडी कार्ड के साथ घूमती देखी जा रही है, जो खुद को एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र की संवाददाता बताती है

स्थानीय नागरिकों और पत्रकार संघ के सूत्रों के अनुसार, उक्त महिला की शैक्षणिक योग्यता पर भी प्रश्नचिन्ह लगा है…? इसके बावजूद वह खुद को “पत्रकार” घोषित करते हुए लोगों के बीच संवाददाता के रूप में प्रतिष्ठित करने का प्रयास करती रही है।

नगर के कई लोगों ने बताया कि यह महिला विशेष रूप से उन लोगों से संपर्क करती है जो किसी पारिवारिक या सामाजिक विवाद में उलझे होते हैं। वह उन्हें थाने में ‘सेटिंग’ करवा देने और फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कहकर अपना प्रभाव ज़माने की कोशिश करती है। कुछ मामलों में आरोप है कि इस महिला ने पीड़ितों से धन की मांग भी की।

सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2024 में तत्कालीन थाना प्रभारी ने महिला की गतिविधियों को असामान्य और संदिग्ध पाते हुए थाना परिसर में उसके प्रवेश पर मौखिक रूप से रोक लगा दी थी। किंतु उनके स्थानांतरण के बाद उक्त महिला दोबारा थाना परिसर तथा थाने के आस पास में सक्रिय घूमती देखी जा रही है।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई लोगों का मानना है कि यह महिला अकेली नहीं, बल्कि किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकती है जो तथाकथित पत्रकारिता की आड़ में सामाजिक व कानूनी लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे न केवल आम जनता भ्रमित होती है बल्कि असली पत्रकारों की साख भी प्रभावित होती है।

स्योहारा के जागरूक नागरिकों और समाजसेवियों ने जिला प्रशासन से इस महिला की शैक्षणिक पृष्ठभूमि, पत्रकारिता से संबंधित वैधता तथा उसके द्वारा उपयोग किए जा रहे आईडी कार्ड की वैधता की निष्पक्ष जांच कराने की माँग की है। साथ ही यह सुनिश्चित करने की भी आवश्यकता बताई गई है कि भविष्य में कोई व्यक्ति फर्जी पहचान से समाज में गुमराह करने का कार्य न कर सके।

📞 प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार

आईरा न्यूज़ नेटवर्क प्रशासन से इस मामले में तथ्यात्मक पुष्टि और कार्रवाई की अपेक्षा करता है।

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