करनाल: एसीएस देवेन्द्र सिंह ने कहा कि जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को घर पर ही हैल्थ सर्विस उपलब्ध करवाने के लिए कार्य योजना तैयार करें जिसके तहत मेडिकल लाईन के विद्यार्थियों को परामर्शदाता के तौर पर तैनात किया जाए जोकि प्रत्येक दिन करीब 25 पॉजिटिव केसों से बातचीत करके हैल्थ केयर के बारे में जागरूक करें। मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी जाने वाली किट के अलावा थर्मामीटर, प्लस ऑक्सीमीटर भी उपलब्ध करवाया जाए ताकि वे घर पर ही समय-समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच करते रहें। यदि मरीज की स्थिति बिगड़ती है तो संबंधित परामर्शदाता की मरीज को कोविड अस्पताल में दाखिल करवाने की जिम्मेदारी रहेगी।
एसीएस सोमवार को देर सायं लघु सचिवालय के सभागार में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ कोविड महामारी से बचाव के लिए किए जा रहे संसाधनों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर कोविड पॉजिटिव मरीजों को घर पर ही हैल्थ केयर के बारे में जागरूक किया जाए और समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जांच होती रहे तथा उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होती रहें तो अस्पतालों पर लोड कम रहेगा और मरीज भी घर पर अच्छा महसूस करेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए होम हैल्थ केयर सर्विस के लिए मेडिकल लाईन के विद्यार्थियों को परामर्शदाता के तौर पर नियुक्त किया जाए और प्रत्येक परामर्शदाता के साथ कम से कम 25 कोविड मरीजों की मैपिंग की जाए जो प्रतिदिन मरीजों से बातचीत करें और उनके स्वास्थ्य की जानकारी लें तथा उनको कोविड से बचाव के बारे में जागरूक करते रहें।
एसीएस ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऑक्सीजन व बैड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निजी अस्पतालों में दाखिल होने वाले नए मरीजों तथा डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की प्रतिदिन रिपोर्ट प्राप्त करें ताकि गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन व बैड आवश्यकता अनुसार उपलब्ध हो सके। उन्होंने आज फिर कहा कि जिन मरीजों की 90 प्रतिशत से अधिक ऑक्सीजन लेवल है उन्हें घर भेजें, अगर जरूरत पड़ती है तो घर पर ही ऑक्सीजन भी उपलब्ध करवाएं।
बैठक में उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने एसीएस को आश्वस्त किया कि होम हैल्थ केयर के सुझाव पर तुरंत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी और घर पर ही मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया जाएगा ताकि उन्हें अस्पतालों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने यह भी बताया कि ऑक्सीजन और बैड की उपलब्धता के लिए प्रत्येक अस्पताल में ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं जोकि प्रत्येक अस्पताल में नए दाखिल मरीज व डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की रिपोर्ट ले रहे हैं।
इस अवसर पर एसपी गंगाराम पुनिया, नगरनिगम के आयुक्त विक्रम, करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा, एसीयूटी नीरज कादियान व प्रदीप सिंह, जिला परिषद के सीईओ गौरव कुमार, शुगरमिल की एमडी अदिति, नगराधीश अभय जांगड़ा, सीएमओ डा. योगेश शर्मा, केसीजीएमसी के निदेशक डा. जगदीश दुरेजा, जीएमडीआईसी क्षितिज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मरीजों से एम्बुलैंस संचालक निर्धारित रेट से ना करें वसूल – एसीएस
एसीएस ने कहा कि मरीजों से एम्बुलैंस के रेट निर्धारित रेट से अधिक वसूले जा रहे हैं, इस पर भी कड़ी निगरानी रखें तथा निर्धारित रेट की सूची सभी अस्पतालों में चस्पा करवाई जाए, हो सके तो एम्बुलैंस पर भी रेट सूची अंकित हो। बैठक में सिविल सर्जन ने बताया कि सरकार द्वारा बेसिक लाईफ स्पोर्ट (बीएलएस-बिना ऑक्सीजन के) एम्बुलैंस के रेट 7 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तथा एडवांस लाईफ स्पोर्ट (ऑक्सीजन के साथ) 15 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से निर्धारित
कोरोना पॉजिटिव मरीजों को घर पर ही हैल्थ सर्विस उपलब्ध करवाने के लिए बनाएं कार्य योजना, मेडिकल लाईन के विद्यार्थियों को परामर्शदाता के तौर पर करें तैनात -एसीएस देवेन्द्र सिंह।


















