समय रहते प्रशासन अगर गोताखोर भेज देता तो शायद मिल गया होता नफ़ीस

समय रहते प्रशासन अगर गोताखोर भेज देता तो शायद अब तक मिल गया होता नफ़ीस।
कल दोपहर बाद से अभी तक नही मिल पाया नफ़ीस। परिवार वालो का रो-रो कर हुआ बुरा हाल।


स्योहारा थानाक्षेत्र के ग्राम मुकरपूरी में कल दोपहर बाद उस समय गम के बादल छा गए जब पूर्व प्रधान रफ़ीक के 50, साला भाई नफ़ीस अहमद के खो की धारा में डूब जाने की ख़बर गांव वासियों तक पहुची खबर के गांव में फैलते ही सभी गांव वाले नफ़ीस की तालाश में खो के पास पहुच नफ़ीस को तालाश करने में जुट गए।
पुलिस को घटना की जानकारी दी गई जिसपर स्योहारा थाना पुलिस घटना स्थल पहुची और उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया जिसपर एसडीएम व सीओ धामपुर भी घटना स्थल पहुच गए व प्रशासनिक स्तर पर भी नफ़ीस की तालाश कराने का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों द्वारा कल दोपहर बाद से ही नफ़ीस की तालाश जारी रखी जिसके तहत मुकरपूरी से बेरखा व रेनी तक ग्रामीण अपने संसाधनों द्वारा नफ़ीस की तालाश ने लगे रहे।
दूसरी और परिजन प्रशासन से इस अभियान में गोताखोरों से मदद की लेने का अनुरोध करते रहे आरोप है कि प्रशासन ने उनकी एक ना सुनी, नफ़ीस को गुम हुए जब आधा दिन व एक रात गुजर गई तब व नफ़ीस नही मिल पाया तो प्रशासन की और से गोताखोर भेजे गए जिन्होंने 5/6 घन्टे नफ़ीस की तालाश में लगा दिए पर नफ़ीस को ढूंढने में वो भी नाकाम रहे।


















