केंद्र व राज्य सरकार की जनप्रिय योजना को पलीता लगा रहा बिजनौर का खाद्यपूर्ती विभाग।

केंद्र व राज्य सरकार की जनप्रिय योजना को पलीता लगा रहा बिजनौर का खाद्यपूर्ती विभाग।
गोदामों से राशन डीलरों तक पहुँच रहा सड़ा गला गेंहू जवाब देहि पर सम्बन्धित अधिकारी मोन।
बिजनोर- देश भर में चल रही हर माह मुफ़्त राशन वितरण की सरकारी योजना के तहत राशनकार्ड धारकों को वर्तमान में जो गेंहू मिल रहा है, उसकी हालत ऐसी है कि इंसान तो क्या उसे जानवरो तक को नही खिलाया जा सकता है।
सरकारी अमले व ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते अच्छे गेंहू की कालाबाजारी व खराब गेंहू की कम दामो में खरीदारी उपभोगताओं के हक पर डाका डालने के साथ साथ उनका स्वास्थ्य भी खराब कर रही है।
राशन डीलर की दुकान पर खराब गेंहू को लेकर हर दिन विवाद हो रहा है, जिसमे डीलरों का कहना है कि हमारे पास जैसा आया है हम उसी रूप में उसे बांट रहे है गेंहू की गुडवत्ता की जांच परख करना सम्बन्धित विभाग का काम है।
गले सड़े व पूरी तरह से खराब गेंहू का वितरण करने में भूमिका पूर्ति विभाग की हो, ठेकेदारों की हो, गोदाम पर तैनात कर्मचारियों की हो, या राशन डीलरों की, जो भी हो लेकिन हकीकत यही है कि मजबूरी वश उपभोगता गले सड़े गेंहू को लेने को मजबूर है।


















