गंगा का जलस्तर घटा, बाढ़ की संभावना टली

गंगा का जलस्तर घटा, बाढ़ की संभावना टली
कन्नौज-अवनीश चंद्र तिवारी
नरौरा बांध से बुधवार की पानी छोड़ने के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना थी लेकिन फिलहाल गंगा का जलस्तर बुधवार की अपेक्षा नीचे गिरा है। कल गंगा का जलस्तर 123.380 था जबकि आज 123.110 रह गया। गंगा का जलस्तर खतरे का निशान 124.970 है।
सदर तहसील में गंगा किनारे के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कासिमपुर, बख्शीपूर्वा सहित करीब दो दर्जन से अधिक गांवों में पानी बढ़ने के साथ अलर्ट जारी कर दिए गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में पहले से ही रेड एलर्ट जारी है। पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश नदियां ओवरफ्लो चल रही हैं। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि तीन से चार दिनों में अभी और पानी छोड़ा जाएगा। इससे बाढ़ की संभावना बन सकती है।
नरौरा बांध से बुधवार की सुबह आठ बजे 18445 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी महादेवी घाट पर करीब अठारह से बीस घंटो के अंतराल में पहुंचेगा। यह पानी आने के बाद गंगा के जल स्तर में और अधिक बढ़ोत्तरी होगी लेकिन फिलहाल दो दिन से जलस्तर घटा है।
एसडीएम सदर उमाकांत तिवारी ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले गावों को पहले ही चिह्नित किया जा चुका है। बाढ़ का पानी छोड़े जाने से पहले क्षेत्रीय लेखपाल सहित अन्य कर्मचारियों की डयूटी लगा दी गई है। कर्मचारी बाढ़ के पानी के लगातार जानकारी ले रहे हैं। फिलहाल बाढ़ जैसी किसी तरह की स्थित नहीं है। आगे पानी छोड़े जाने के बाद यदि बाढ़ की संभावना बनती है तो उससे पहले ही गांवों को खाली कराते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया जाएगा।
गंगा का जल स्तर बढऩे से अंतिम संस्कार करने वाले लोगों की दिक्कते बढ़ गई हैं। बुधवार को अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उनको अंतिम संस्कार करने के लिए जमीन तलाश करनी पड़ी। उधर, दोपहर करीब बारह बजे के बाद शुरू हुई बारिश ने लोगों को परेशान किया। तमाम लोगों ने बारिश को देखते हुए ऊपर बनाए गए शेड में अंतिम संस्कार किया।
आज गुरुवार की भी दोपहर बाद करीब आधा घंटा तक तेजी से पानी गिरा। जिससे मौसम में बदलाव आया। प्रशासन महादेवी घाट के किनारे बल्लियां लगाकर बेरिकेड्स कर रहा है ताकि कोई भी नहाने वाला व्यक्ति गंगा के गहरे में न चला जाए। बेरिकेड्स के पीछे से ही स्नान करने की सलाह दी गई है।


















