जनपद में 25 खेत तालाब योजना का लक्ष्य प्राप्त हुआ जिसमे 24 का कार्य पूर्ण – डॉ अवधेष

बिजनौर – कृषि भवन स्थित सभागार में प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के अंतर्गत खेत तालाब कार्यक्रम के 25 लाभार्थियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप कृषि निदेशक बिजनौर गिरीश चंद्र द्वारा खेत तालाब योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अवगत कराया गया कि इसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के साथ-साथ फसलों की आकस्मिक सिंचाई और कृषि संबंधी अन्य गतिविधियों तथा जलीय खेती मछली पालन वृक्षारोपण, सब्जी व फल उत्पादन आदि को अपना कर अतिरिक्त लाभ प्राप्त करना है।
साथ ही उप कृषि निदेशक द्वारा खेतों की मेड़बंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित लाभार्थी कृषकों को अवगत कराया गया कि खेत की मेड अनिवार्य रूप से मजबूत एवं सुव्यवस्थित होनी चाहिए। इससे न केवल खेती की उपजाऊ मिट्टी का क्षरण रुकता है बल्कि वर्षा का पानी संरक्षित होने के साथ-साथ और प्रथम वर्षा के साथ वायुमंडलीय नाइट्रोजन भी मिट्टी में मिलकर भूमि को उपजाऊ बनाती है। भूमि संरक्षण अधिकारी/ जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र द्वारा खेत तालाब योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए अवगत कराया गया कि जनपद में 25 खेत तालाब योजना का लक्ष्य प्राप्त हुआ था।
जिसके सापेक्ष लाभार्थियों का चयन कर लिया गया है और सभी तालाबों का कार्य प्रगति पर है तथा 24 तालाब का कार्य लगभग पूर्ण होने वाला है। इस योजना के अंतर्गत प्रस्तावित तालाब 22 मीटर लंबा, 20 मीटर चौड़ा तथा 3 मीटर गहरा खोदा जाता है। इसकी कुल लागत ₹ 1.05 लाख है जिस पर 50% अनुदान रु. 52500 देय हैं, जो लाभार्थी कृषकों को खुदाई के विभिन्न स्तरों पर तीन किस्तों में दिया जाता है।
योजना के मानक के अनुसार तालाब की खुदाई मशीनों के माध्यम से की जा सकती है। चालू वित्तीय वर्ष से लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है, अतः इच्छुक लाभार्थी पहले आओ पहले पाओ के आधार पर इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन टोकन जनरेट कर सकते हैं। जिला उद्यान अधिकारी जीतेंद्र कुमार के द्वारा उपस्थित लाभार्थी कृषकों को स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा योजना का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया से किसानों को अवगत कराया गया, साथ ही तालाब के बांध पर परवल, कुकरबिट्स एवं पपीता, करौदा, चीकू, केला की खेती के बारे में जानकारी दी गई।
मत्स्य निरीक्षक द्वारा मछली पालन के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री मछली उत्पादन योजना की जानकारी दी गई, साथ ही रोहू, कतला, सिल्वर क्राफ्प आदि के उत्पादन एवं पोषण प्रबंधन की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मनोज रावत उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी, जहूर हैदर अवर अभियंता, योगेंद्र पाल सिंह उर्फ योगी जी विषय वस्तु विशेषज्ञ, राहुल शर्मा लेखाकार सहित भूमि संरक्षण निरीक्षक एवं सहायक भूमि संरक्षण निरीक्षक उपस्थित रहे।


















