बिजनौर – गंगोत्सव 2021 के उपलक्ष्य में नमामि गंगे परियोजना अंतर्गत संचालित जैविक कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उमेश मिश्रा, जिलाधिकारी, बिजनौर द्वारा उपस्थित कृषकों को संबोधित करते हुए अवगत कराया गया कि वर्तमान परिवेश के लिए जैविक खेती बहुत ही आवश्यक हो गई है, क्योंकि रासायनिक और कीटनाशक का प्रयोग कर खेती करने से ना केवल स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही है बल्कि हमारी भूमि, जल व वायु भी प्रदूषित हो रही है।
इसी के दृष्टिगत मेरे द्वारा जनपद में योगदान करने के समय से ही जनपद में जैविक कृषि की अपार संभावनाओं को देखते हुए जैविक कृषि कार्यक्रम को बढ़ावा दिए जाने का पूर्ण प्रयास किया जा रहा है और इस कार्यक्रम में ना केवल जिला प्रशासन बल्कि संबंधित विभागों का सहयोग लेकर कार्यक्रम को सफल एवं प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। नमामि गंगे परियोजना के किसानों द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों के विपणन के लिए विभिन्न आयामों पर कार्य किया जा रहा है विकास भवन परिसर में जहां एक ओर से स्थाई जैविक उत्पाद बिक्री केंद्र की स्थापना की गई है वहीं दूसरी तरफ जनपद के विभिन्न स्थानों पर कैनोपी के माध्यम से जैविक उत्पादों की बिक्री कराई जा रही है। साथ ही जनपद के प्रमुख संस्थान जैसे पुलिस लाइन, कारागार, आवासीय कस्तूरबा गांधी विद्यालय और अन्य संस्थानों से संपर्क कर जैविक उत्पादों का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
जैविक उत्पादों का खाड़ी देशों में निर्यात कराए जाने हेतु कई संस्थाओं से बात की जा रही है और जैविक उत्पादों का क्रय विक्रय करने वाली संस्थाओं का शीघ्र ही जनपद में एक सेमिनार आयोजित कराया जाएगा. मुख्य विकास अधिकारी के पी सिंह के द्वारा अवगत कराया गया कि नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत 58 समूहों द्वारा जैविक पद्धति से फसल उत्पादन का पुनीत कार्य किया जा रहा है और इन उत्पादों की धीरे-धीरे मांग बढ़ रही है अतः उपस्थित सभी किसान भाई जो नमामि गंगे पर योजना के लाभार्थी हो अथवा अन्य किसान, सभी जैविक पद्धति से फसल उत्पादन का कार्य करें।
साथ ही नमामि गंगे के लाभार्थी न केवल स्वयं जैविक पद्धति से फसल उत्पादन का कार्य करें, बल्कि अन्य किसानों को भी जैविक पद्धति से फसल उत्पादन हेतु प्रेरित और प्रोत्साहित करें। जनपद के प्रगतिशील एवं जैविक पद्धति से खेती कर रहे श्री राहुल चौधरी, ग्राम चौकपुरी के द्वारा उपस्थित कृषकों को जैविक पद्धति से फसल उत्पादन विशेषकर केला, पपीता, अमरूद व बांस की खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा वेस्ट डी कंपोजर का प्रयोग करके 60 दिन में गोबर की खाद बनाने, जैविक तरल कीटनाशक बनाने, खरपतवार का नियंत्रण एवं फसलों पर अमावस्या व पूर्णिमा के दिन वेस्ट डी कंपोजर का छिड़काव करने के महत्व से अवगत कराया गया।
इसी प्रकार फसलों पर मिट्टी के घोल बनाकर छिड़काव करने से रोग और कीट नियंत्रण के साथ-साथ जैविक पद्धति से उगाई जा रहे फसलों के पोषण प्रबंधन की भी विस्तार से जानकारी दी गई। उप कृषि निदेशक गिरीश चंद के द्वारा वेस्ट डी कंपोजर के लाभ एवं महत्व से अवगत कराते हुए इसके बनाने की विधि का विस्तार से वर्णन किया गया। डॉ अवधेश मिश्र, जिला कृषि अधिकारी/जिला परियोजना समन्वयक (डास्प) बिजनौर द्वारा जनपद में संचालित नमामि गंगे परियोजना की विस्तार से जानकारी देते हुए अवगत कराया गया कि आगामी वर्ष मे जनपद में नमामि गंगे परियोजना का विस्तार किया जा रहा है और 2000 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्रफल में जैविक कृषि कार्यक्रम चलाया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन योगेंद्र पाल सिंह योगी, विषय वस्तु विशेषज्ञ बिजनौर द्वारा किया गया और गो आधारित खेती तथा देसी गांव के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत सराहनीय एवं प्रशंसनीय कार्य करने वाले कृषक जगदीश सिंह, नैन सिंह महेंद्र सिंह, बालमुकुंद, रोहतास प्रशांत कुमार शर्मा, वीरेंद्र पाल सिंह, श्रीमती रेखा देवी एवं नाहर सिंह तथा समूह संचालक नौबहार, राजपाल एवं सोमपाल सिंह और लीड रिसोर्स पर्सन प्रमोद कुमार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित सभी किसानों को वेस्ट डी कंपोजर का निशुल्क वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में श्री जेपी शर्मा, प्रभारी अधिकारी शील बायोटेक लिमिटेड नई दिल्ली, राकेश कुमार सिंह, सहायक लेखा अधिकारी डास्प, लवकुश मिश्रा जिला प्रभारी, जैविक कृषि कार्य कर रहे श्री ब्रह्मपाल सिंह, नमामि गंगे परियोजना अंतर्गत जनपद मेरठ के नोडल श्री महेंद्र गिरी गोस्वामी सहित लगभग 400 कृषको द्वारा प्रतिभाग किया गया।
विकास अग्रवाल की रिपोर्ट


















