सनाउल्लाह ऐसा शख्स जिसकी सोच,जिसका व्यवहार,सबके दिलों को छू लेता है-ज़ीशान नजीबाबादी
नजीबाबाद – आज सनाउल्लाह भाई कुवैत पहुंच गए।
सनाउल्लाह भाई से मेरी दोस्ती का सफर फेसबुक के जरिए शुरू हुआ था। वह जब भी इंडिया आते, हमारी दुआ-सलाम का सिलसिला होता लेकिन इस बार की मुलाकात ने हमारी दोस्ती को बहुत मजबूत बनाया। सनाउल्लाह भाई की खासियतें उन्हें दूसरों से अलग बनाती हैं। वह सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत हैं, जो हर किसी के दिल में एक खास जगह बना लेते हैं। उनका दिल बड़ा है और उनकी सोच गहरी है। उनकी खास बातों में से कुछ यह है कि सनाउल्लाह भाई का जानवरों के प्रति व्यवहार अद्भुत है। चाहे कोई भूखा जानवर हो या घायल पक्षी, वह हमेशा उनकी मदद के लिए तैयार रहते हैं। वह मानते हैं कि जानवर अल्लाह की बनाई मखलूक हैं और उनकी सेवा करना भी इबादत है। ठंड से कुत्ते परेशान ना रहे, उन्होंने इसके इंतजाम किए। अपने घर के बाहर बैठक में ही इंतेज़ाम कर दिया। मुर्गी पालन, तोते पालना, चिड़िया पालना, उनका रखरखाव यह सब मैने देखा।
वह पर्यावरण के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने हमेशा पेड़ लगाने और उनकी हिफाजत करने की बात की। नजीबाबाद में हरियाली बढ़ाने के लिए उन्होंने कई मुहिम चलाईं। स्टैब ग्राउंड, जाब्तागंज बारात घर के पास, कब्रिस्तान में लगाए गए पेड़ इसका उदाहरण है।
वह गरीबों और जरूरतमंदों के लिए हमदर्दी की नज़र रखते है, वह न सिर्फ उनकी जरूरतों का ख्याल रखते हैं, बल्कि उनकी परेशानियों को अपना समझकर हल करने की कोशिश करते हैं। कुछ दिन पहले जब कड़ाके की ठंड थी, रात के 1.00 बजे के आसपास जब मैं घर था उनका फोन आया, कि एक आदमी माल गोदाम तिराहे पर ठंड में पड़ा हुआ है. उन्होंने अपने घर के इस्तेमाल का कंबल लाकर ठंड से परेशान व्यक्ति की मदद की। उनके कुवैत जाने का वक्त करीब था, नहीं तो हमने मिलकर सामाजिक कार्यों के लिए कई चीजें सोची थी जिन्हें अंजाम देना था । एक विशेष बात ओर यह कि उनका नजीबाबाद के प्रति विशेष लगाव है। वह हमेशा शहर के विकास और खुशहाली के बारे में सोचते रहते हैं। शहर की बुनियादी चीजों को लेकर उनकी सक्रियता काबिल-ए-तारीफ है।
यह भी बताना ज़रूरी है उनकी किसी भी टॉपिक पर बात करने की सलाहियत भी जबरदस्त है। आप किसी दीनी पहलू को छेड़े, उसके बाद वो इतना सटीक बोलते है कि आप मुतमईन हुए बिना नहीं रहेंगे।
सनाउल्लाह भाई के साथ बिताए हुए दिन मेरी जिंदगी के खास पलों में से हैं। हमने साथ मिलकर हंसी-मजाक किया, गहरी बातें कीं, और कुछ मजेदार रील्स भी बनाई, जो हमेशा उन खूबसूरत लम्हों की याद दिलाती रहेंगी।
सनाउल्लाह भाई सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि हर उस शख्स के लिए एक खास इंसान हैं, जो उनसे जुड़ता है। उनकी सोच, उनका व्यवहार, और लोगों के साथ उनका लगाव सबके दिलों को छू लेता है।
सनाउल्लाह भाई, इंशा अल्लाह, फिर मुलाकात होगी।
By…ज़ीशान नजीबाबादी
Sanaulla Mansoori Sanaullah Mansoori


















