श्री त्रंबकेश्वर जी तथा श्री तिरुपति बालाजी की मूर्तियों का स्थापना दिवस श्रद्धा एवं भक्ति पूर्वक मनाया

धामपुर मोहल्ला खतियान स्थित सुनारो वाले शिव मंदिर मेड सभा में श्री त्रंबकेश्वर जी तथा श्री तिरुपति बालाजी की मूर्तियों का स्थापना दिवस श्रद्धा एवं भक्ति पूर्वक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रातः काल नरेश वर्मा उनकी पत्नी उमा वर्मा एवं सौरभ वर्मा उनकी पत्नी नेहा वर्मा तथा दीपमाला वर्मा ने वस्त्र परिवर्तित कर मुकुट पहनाकर फल पुष्प धूप दीप आदि से विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की तथा भोग लगाया। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। जिसमें उमा वर्मा ने प्रभु मैंने कुटिया को फूलों से सजाया है घर आओ मेरे प्रभु मैंने आसन लगाया है।
दीपमाला वर्मा ने,मूषक सवारी लेकर आजा गजराजा रिद्धि सिद्धि को ले आना मेरे अंगना। ओमवती जी ने कुछ ना बिगड़ेगा तेरा सतगुरु शरण आने के बाद हर खुशी मिल जाएगी चरणों में झुक जाने के बाद। सरोज शर्मा ने मेरे बांके बिहारी का नाम बड़ा सुंदर है।
बिना वर्मा ने, तीन बार भोजन, भजन एक बार, इसमें भी झंझट हजार ,।
संगीता रस्तोगी ने,
एक बार आओ मेरे अंगना प्रभु एक बार तो आओ आदि भजनों की प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर उमा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि महाराष्ट्र के नासिक शहर में श्री त्रंबकेश्वर जी का एक महत्वपूर्ण ज्योतिर्लिंग है जहां गर्भ ग्रह में ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों देवता पिंडी रूप में विराजमान है ।कहा जाता है कि संसार में नासिक ही एकमात्र स्थान है जहां पर तीनों देवता एक साथ विराजमान है वहां उनकी पूजा-अर्चना तथा रूदाभिषेक किया जाता है।
इनकी प्रतिमूर्ति शिव मंदिर में स्थापित की गई है तिरुपति बालाजी का विश्व विख्यात मंदिर आंध्र प्रदेश में तिरुमला की पहाड़ियों में स्थित है तिरुपति बालाजी की मूर्ति मंदिर में स्थापित की गई है। यहां पर भक्तजन पूर्ण श्रद्धा भाव से मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं इस अवसर पर नेहा वर्मा ,ज्योति वर्मा, दीपमाला वर्मा ,बीना वर्मा ,सरोज शर्मा, गजनी सिंह, उमा वर्मा , ओमवती ,सुधा ,विशनोई ,संगीता रस्तोगी ,प्रेमवती प्रभा आदि ने भक्ति पूर्ण भजनों का गायन किया तथा वातावरण को भक्ति मय बनाया। कार्यक्रम का आयोजन नरेश वर्मा एवं सौरभ वर्मा ने किया।


















