स्योहारा-बिजनोर-उत्तरप्रदेश

विधुत विभाग को निजी हाथों में सौपने के विरोध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी व किसान सभा उतरी मैदान में!

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स्योहारा।सरकार द्वारा अब विधुत विभाग को निजी हाथों में सोपने की तैयारी के विरोध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी व किसान सभा मैदान में उतरी है जिसके तहत आज कम्युनिस्टों ने एक ज्ञापन एसडीओ के नाम बड़े बाबू को सौंपते हुए मुख्यमंत्री को भेजा है जिसमे बताया गया है कि
जब बिजली अधिनियम पारित किया गया तब उसमें में यह प्रावधान किया गया था कि बिजली का वितरण आम जनता को बिना किसी लाभ-हानी के द्वारा किया जायेगा परन्तु अबकी सरकार बिजली के द्वारा अत्यधिक लाभ कैसे कमाया जाये इस बात की जुगत में लगी हुई हैं।
बिजली आज हमारी बुनियादी जरूरत बन चुकी है जिसके तहत उजाला, पानी,
खेती, व्यापार, उद्योग, स्कूल-कालेज, अस्पताल बैंक आदि से लेकर मोबाइल
एवं इंटरनेट आदि सभी की निर्भरता बिजली पर हो गई है।
बिजली कटौती स्थानीय फाल्ट, बिजली का महंगा होना, फुके ट्रांसफारियों
का समय से व बदलना व जर्जर तारो को न बदलना, बिलो में हेरा फेरी
आदि से जनता त्रस्त है, वहीं निजीकरण के द्वारा बिजली को पुँजियालयों
के हाथों में सोचने की तैयारी सभी बिजली आधारित वर्गों को
प्रभावित करेगी। उपभोक्ताओं पर आर्थिक संकट और बढ़ेगा।इसलिए ज्ञापन में मांग की गई है कि
बिजली का निजीकरण बन्द करो। बिजली की प्रस्तावित मुल्य वृद्धि वापस लो। बिजली की देरे घटाओ. उपभोक्ताओं को 300 यूनिट व किसानों को सिंचाई हेतु फ्री बिजली का चुनावी वायदा पूरा करें।
अघोषित बिजली कटौती बन्द करो। चुके ट्रॉस फार्मर जर्जर तारो
की लाइनें बदलो. बिलो में हेरा-फेरी बन्द करो।
मोटरिंग के नाम पर उसकी कीमत व अधिभार बढ़ाने की साजिश रोको.आम उपभोक्ताओं की समस्याओं का निस्तारण शीघ्र करो.बिजली विभाग के खाली पदो को भरो तथा संविदाकर्मियो
को स्थायी करो.बिजली के निजीकरण के खिलाफ आन्दोलनरत बिजली कर्मचारियों का उत्पीड़न बन्द करो जैसी मांगे की गई हैं ,इस मौके पर इन्द्रकुमार शर्मा,कामरेड इसरार अली ,कामरेड खलील आदि कम्युनिस्ट नेता मौजूद रहे।

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