वाराणसी में सामाजिक समरसता सम्मेलन,सहभोज के माध्यम से छुआछूत के खिलाफ एकजुट हुआ समाज

सामाजिक समरसता के लिए राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज व संजीत चौधरी को याद किया – भिखारी प्रजापति ||
18 मार्च 1994 की ऐतिहासिक पहल को याद कर काशी में गूंजा समरसता का संदेश ||
मीनाक्षीपुरम घटना की पृष्ठभूमि में शुरू हुआ समरसता अभियान,वाराणसी में हुआ भव्य आयोजन ||
धर्माचार्यों की पहल से छुआछूत के विरुद्ध एकजुटता,वाराणसी में सहभोज कार्यक्रम संपन्न ||
सामाजिक समरसता सम्मेलन में एकता का संदेश,बड़ी संख्या में लोगों ने लिया सहभोज का प्रसाद ||
वाराणसी :- सन 1980 को मीनाक्षीपुरम में घटित सामूहिक धर्मांतरण की घटना से मर्माहत गोरक्षपीठाधीश्वर राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज ने 18 मार्च सन 1994 को धर्माचार्यों,साधु -संतों के साथ काशी के डोम राजा के वंशज संजीत चौधरी के मान मंदिर,शेर वाली कोठी पर सहभोज से वृहद हिंदू समाज को एकजुट कर छुआछूत को शास्त्र विरुद्ध घोषित किया | उक्त बातें विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश के यशस्वी प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति ने उक्त ऐतिहासिक तिथि पर आयोजित हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय के सभागार में कही | अध्यक्षता मातृशक्ति प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष वाराणसी नंदिता चटर्जी ने की |
संचालन संगीता मिश्रा व मनोज प्रजापति ने किया | विद्यालय के प्रबंधक नीरज दुबे व प्रधानाचार्य विजय कुमार मिश्रा दीप प्रज्ज्वलन में उपस्थित रहे | प्रदेश उपाध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह,जय शंकर केसरी,रुद्र कुमार पाठक,धीरेंद्र प्रताप सिंह,मनोज कुमार श्रीवास्तव,प्रवीण सिंह चंदेल,नीलम गिरी,चंद्र चूड़ पाण्डेय,राधा सिंह,बिंकर शुक्ला ने कहा कि 18 मार्च सन 1994 हमारे लिए ऐतिहासिक तिथि बन गई है |
समरसता सम्मेलन में उक्त के अतिरिक्त सुमन पटेल,अनुराधा गिरी,तपेश्वर चौधरी, रीता तिवारी,प्रमोद मिश्रा, सुषमा श्रीवास्तव,आशीष राज गुप्ता,अनीता चौधरी,चंदा चटर्जी,शंभू नाथ केसरी,बिट्टू किन्नर,अनुराधा सिंह, विजेता केसरी,वीर बहादुर मौर्य,माधवी श्रीवास्तव,गुड्डू पाण्डेय,शशि प्रकाश,चंदा केसरी,डॉ प्रशांत चतुर्वेदी,बृजेश बारी,महिमा केसरी, गोपाल प्रसाद,जयप्रकाश सोनी,पुनीत केसरी,इत्यादि लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए | सामाजिक समरसता सम्मेलन के पश्चात खिचड़ी सहभोज में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया ||


















