मैक्सटॉप स्कालरशिप एग्जाम से हजारों बच्चों को मिल रही सफलता की राह – मिथुन मोदी

13 वर्षों में 14 हजार से अधिक बच्चों को स्कॉलरशिप,50 हजार से ज्यादा बच्चों को मिल चुके हैं पुरस्कार ||
सही मार्गदर्शन और पर्सनालिटी डेवलपमेंट से मिलती है सफलता – मिथुन मोदी ||
मैक्सटॉप ओलंपियाड से प्रतिभाशाली बच्चों को मिल रहा आगे बढ़ने का मौका ||
शिक्षा के साथ काउंसलिंग और मार्गदर्शन भी जरूरी – मिथुन मोदी ||
इस सत्र में दस हजार बच्चों को स्कॉलरशिप देने का लक्ष्य ||
मैक्सटॉप कार्यक्रम के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर ||
(संतोष कुमार सिंह )
वाराणसी:- मैक्सटॉप स्कालरशिप एग्जाम के महानिदेशक मिथुन मोदी ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सही मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास भी विद्यार्थियों की सफलता के लिए बेहद आवश्यक है उन्होंने बताया कि वे पिछले लगभग बीस वर्षों से बनारस में मैक्सटॉप के डायरेक्टर के रूप में कार्य कर रहे हैं और इस दौरान उन्होंने करीब 25,000 से अधिक विद्यार्थियों का इंटरव्यू लेकर उन्हें मार्गदर्शन दिया है उन्होंने कहा कि मैक्सटॉप के कार्यक्रमों में बच्चों के पर्सनालिटी डेवलपमेंट और ज्ञान को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाता है | कई बार विद्यार्थियों के पास शिक्षा तो होती है लेकिन सही दिशा और व्यवहारिक ज्ञान की कमी होती है | ऐसे में काउंसलिंग और मार्गदर्शन के माध्यम से बच्चों को नई दिशा देने का प्रयास किया जाता है जिससे वे अपने जीवन में बेहतर प्रदर्शन कर सकें और सफलता हासिल कर सकें |
मिथुन मोदी ने बताया कि उनके मार्गदर्शन से पढ़े कई विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में सफल हो चुके हैं | वर्ष 2013 से मैक्सटॉप ओलंपियाड कार्यक्रम शुरू किया गया था और अब इस कार्यक्रम को तेरह वर्ष पूरे हो चुके हैं | इस अवधि में ऑन रिकॉर्ड लगभग 14,000 बच्चों को स्कॉलरशिप दी जा चुकी है जबकि कई विद्यार्थियों ने एक से अधिक बार स्कॉलरशिप प्राप्त की है उन्होंने बताया कि अब तक 50,000 से अधिक बच्चों को विभिन्न पुरस्कार भी दिए जा चुके हैं | वर्तमान सत्र में 10,000 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देने का लक्ष्य रखा गया है साथ ही जिन शहरों में यह कार्यक्रम अभी तक नहीं पहुंच पाया है वहां भी इसे शुरू करने की योजना बनाई जा रही है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें |
मिथुन मोदी के अनुसार इस कार्यक्रम के विस्तार के साथ-साथ बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं | पूरे भारत में इस कार्यक्रम को संचालित करने के लिए विभिन्न पदों पर वैकेंसी निकाली जा रही है जिससे युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम एनजीओ मैक्सटॉप सोशल वेल्फेयर” के माध्यम से संचालित किया जा रहा है | इसका मुख्य उद्देश्य गरीब और प्रतिभाशाली बच्चों को स्कॉलरशिप देकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है |
मिथुन मोदी ने कहा कि आज का समय कड़ी प्रतियोगिता का दौर है | दसवीं और बारहवीं के बाद विद्यार्थियों के सामने उच्च शिक्षा या प्रोफेशनल करियर की दिशा में आगे बढ़ने के विकल्प होते हैं जहां उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का सामना करना पड़ता है | इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए फॉर्म भरने से लेकर परीक्षा केंद्र तक जाने में विद्यार्थियों को 2000 से 5000 रुपये तक खर्च करना पड़ता है उन्होंने बताया कि यदि कोई विद्यार्थी पांच से दस बार मैक्सटॉप परीक्षा देता है और मैक्सटॉप की बुकलेट से तैयारी करता है तो वह किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है | मैक्सटॉप की कक्षा एक से बारह तक की बुकलेट में 400 से अधिक एमसीक्यू प्रश्न दिए जाते हैं जिससे विद्यार्थी आसानी से तैयारी कर सकते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकते हैं |
मुख्य बातें
(1)- 20 वर्षों से शिक्षा और मार्गदर्शन के क्षेत्र में सक्रिय |
(2)- 25,000 से अधिक विद्यार्थियों का लिया इंटरव्यू |
(3)- 2013 से चल रहा मैक्सटॉप ओलंपियाड कार्यक्रम |
(4)-13 वर्षों में 14,000 से अधिक बच्चों को स्कॉलरशिप |
(5)- 50,000 से अधिक विद्यार्थियों को पुरस्कार |
(6)- इस सत्र में 10,000 स्कॉलरशिप देने का लक्ष्य |
(7)- कार्यक्रम के विस्तार के साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध |
मिथुन मोदी ने कहा यदि विद्यार्थी लगातार पांच से दस बार मैक्सटॉप परीक्षा में भाग लेते हैं और इसकी बुकलेट से तैयारी करते हैं तो वे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकते हैं हमारा उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा और स्कॉलरशिप के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर देना है ||


















