मेरठ-सहारनपुर मण्डल में एक कहावत बहुत प्रसिद्ध है कि,ना माँ एसी होत्ती ना 2 बुग्गी माल बुआ क जात्ता ।

दिल्ली- मेरठ – सहारनपुर मण्डल में एक कहावत बहुत प्रसिद्ध है कि , ना माँ एसी होत्ती ना 2 बुग्गी माल बुआ क जात्ता ।
राहुल गांधी जी अगर आप वास्तव में ही जनता के इतने करीब होते तो आज देश में भाजपा की इतनी जुल्मी और तानाशाह सरकार बेलगाम होकर आम जनता का मनमाने तरीक़े से शोषण कर देश पर राज ना कर रही होती और आप दोनो भाई बहन को बावलो यानी कि मन्द बुद्धि बालको की तरह गली गली मोहल्ले मोहल्ले नही भटकना पड़ता ।
जिस परिवार ने देश को 3 3 प्रधानमंत्री दिए हो और 2 प्रधानमंत्री कर्तव्य पथ पर चलते हुए देश के लिए शहीद हो गए हो उनकी तीसरी पीढ़ी आज सत्ता के लिए गाँव गाँव गली गली मोहल्ले मोहल्ले भटकने को मजबूर हो रही हो तो कुछ तो कमियाँ रही होंगी आप लोगो की जो देश की जनता देश को चोरों के हाथ से छीन कर डैकैतो के हाथ मे देने को मजबूर ना होती ।
कुछ तो मजबूरियां रही होंगी यूँ ही कोई बेवफा नही होता है ।
एक समय था जब राजीव गाँधी, इंदिरा गाँधी और नेहरू जी के समय मे कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर से लेकर स्थानीय स्तर पर नेताओ का समय समय पर नव निर्माण करती रहती थी जो इंदिरा जी और राजीव गाँधी जी की मृत्यु के बाद कांग्रेस या ये कहिये की गाँधी परिवार ने बिल्कुल बन्द कर दिया जिसके कारण पुराने घिसे पिटे नेताओ की तो जैसे मौज ही आ गयी जब नये निजाम यानी आपकी माता जी के रूप में उनको नया अध्यक्ष मिल गयी और पुराने नेता अपना और अपने परिवारों का अस्तित्व बचाने के लिए उनको अपने हिसाब से चलाने लगे और वो चलने लगी ।
परिणाम यह हुआ ही पुराने नेताओ ने पहले तो नए कार्यकर्ताओ और नेताओं के निर्माण करने पर रोक लगाते हुए नव कार्यकर्ताओ और नेताओं के निर्माण के तौर पर अपने परिजनों और अपने नजदीकियों को पार्टी में जोड़ा जाने लगा और पुराने एवम पार्टी के समर्पित वफादार कार्यकर्ताओ और नेताओं को धीरे धीरे अपमानित करके ठिकाने लगाया जाने लगा, आपने और आपकी माता जी ने राजाओं वाले अहँकार में आकर और अपने तथाकथित सलाहकारों के बहकावे में आकर जनता से तो छोड़िए अपने नेताओं से भी सीधा संवाद और मिलना जुलना बन्द ही कर दिया ।
आपने और आपकी माता श्री ने नव नेताओ कार्यकर्ताओं का निर्माण तो किया ही नही बल्कि इंदिरा जी और राजीव जी के समय के पुराने और कर्मठ समर्पित कार्यर्ताओं और नेताओं के साथ साथ आप लोग उत्तर भारत मे अपने एक बड़े वोट बैंक को भी सम्भाल पाने में नाकामयाब साबित हुए परिणाम यह हुआ कि पार्टी के प्रति समर्पित कर्मठ ईमानदार वफादार वोटर कार्यकर्ता नेता अपना सम्मान ना होता देखकर धीरे धीरे अपने घर बैठने लगा और वर्तमान की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी एवम अन्य दलों ने आपकी पार्टी के कुछ दुष्ट व्यवहार के नेताओ द्वारा आपकी ही पार्टी के अपमानित कर साइड लाइन किये जा रहे नेताओ को सम्मान देकर अपनी पार्टियों में जोड़ना शुरू कर दिया, परिणामस्वरूप अन्य दलों का काफिला बढ़ता चला गया और आप एवम आपकी पार्टी घूम फिर कर लगभग 3 दशकों से आप तीनो माँ बेटों के आस पास ही चक्कर काटती रही और आप देश की सत्ता से धीरे धीरे बाहर होने के साथ साथ एक एक कर उत्तर भारत के राज्यो से भी ठुकराये जाने लगे, आपके वो अवसर वादी नेता जिन्होंने जीवन भर आपकी पार्टी और देश दोनो को ही समय समय पर नोच नोच कर खाया था वो भी उचित समय देखकर जहाँ देखी तवा परात वहीँ बियाती सारी रात के नारे को जीवन का आधार मानते हुए धीरे धीरे अन्य दलों में जगह बनाते हुए खिसक लिए परिणाम आज आपके सामने है ।
2014 में देश की जनता ने इस उम्मीद के साथ इस देश को मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार के हाथों में सौंप दिया था की मोदी जी आएंगे और देश को बचाएंगे जनता को क्या पता था कि जनता जिस देश को बचाने के लिए देश को चोरों के हाथों में से छीनकर डैकैतो के हाथों में देने जा रही है वो इस देश को और देश की धरोहरो को अपने दोस्तों को ठेके पर देते चला जाएंगे और एक एक कर इस देश को तो बेचकर ही खाएंगे साथ मे देश की 80 करोड़ जनता के हाथ मे 35 किलो वाले मुफ्त राशन के नाम पर झोला नही बल्कि देश की आधे से भी अधिक आबादी के हाथ मे झोली थमाते जाएंगे ।
अंत मे इतना ही कहूँगा की झूठे वादों नकली हमदर्दी और फर्जी राष्ट्रवाद एवम फर्जी हिंदुत्व की भावनाओ में बहकर देश की जनता ने देश को चोरों के हाथों से छीनकर लुटेरों के हाथों में दे दिया है अब इस देश को इन लुटरों से आसानी से वापस लेना ना आपके हाथ मे है और ना ही देश की जनता के हाथ में है ।
देश को आज फिर किसी लोकनायक जय प्रकाश की जरूरत है ।
राजीव कुमार शर्मा


















