मुसीबत में मदद को जब कोई लड़की बुलाती है मुझे महसूस होता है मेरी बेटी बुलाती है

प्रख्यात उस्ताद शायर अहमद हनीफी को सम्मानित किया गया |
वाराणसी :- हिंदुस्तान के प्रख्यात उस्ताद शायर अहमद हनीफी साहब का शिक्षाविद फहीम अहमद नेशनल इंटर कॉलेज पेलीकोठी के पूर्व प्रिंसिपल के काजी सादुल्लाह पुरा स्थित आवास पर स्वागत किया गया जिसमें उन्हें यादगार तोहफे देकर सम्मानित किया गया | सामाजिक संस्था “सुल्तान क्लब” के अध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक ने इन अशआर से उनका स्वागत किया कि खुश आमदीद वह आया है हमारी चौखट पर,बहार जिस के क़दम का तवाफ करती है आगे कहा कि ऐसा ही एक नाम जो बनारस की धरती पर बहुत तेजी से उभरा है और साहित्य के आसमान में छा गया है वो नाम है अहमद हनीफी का | अहमद हनीफी साहब एक उस्ताद शायर हैं जिनके बहुत सारे शागिर्द मौजूद हैं वो अपनी कविताओं के जरिए लोगों का ध्यान खींचते हैं उन्होंने कविता के ज़रिए देश,मातृभूमि और समाज को भी सुधारने का प्रयास किया है आपका नाम भारत के मशहूर शायर कवियों में लिया जाता है | कविता पाठ व मुशायरों में आपको बड़े प्यार से सुना जाता है आपकी कविताएँ लोगों की ज़बान पर गुनगुनाती रहती हैं इस मौके पर पेश हैं आपकी कुछ कविताएँ |
(1)- मुसीबत में मदद को जब कोई लड़की बुलाती है,मुझे महसूस होता है मेरी बेटी बुलाती है हमारे गांव में अब भी रवादारी यह कायम है,चचा कहकर हमें कैलाश की बेटी बुलाती है |
(2)- शोहरत को मेरी देखकर मेरे ही दोस्त अब,फैला रहे हैं राह में पत्थर मेरे खिलाफ | सच बोलने की बच्चों को तालीम कैसे दूं, सच बोलने से जब हुआ घर-भर मेरे खिलाफ |
इस मौके पर सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक,जनरल सेक्रेटरी एच.हसन नन्हे,शमीम रियाज,फैयाजुद्दीन, इरफानुल हक,आफताब आलम वगैरह मौजूद थे ||


















