मैनपुरी-उत्तरप्रदेश

मानव जाति के लिए कोई भी चीज असंभव नहीं, मेडिकल सांइस ने एड्स जैसी असाध्य बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को भी जीवन प्रदान करने का कार्य किया-जिलाधिकारी।

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मानव जाति के लिए कोई भी चीज असंभव नहीं, मेडिकल सांइस ने एड्स जैसी असाध्य बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को भी जीवन प्रदान करने का कार्य किया-जिलाधिकारी।

आईरा न्यूज़ नेटवर्क स्टेड ब्यूरो उत्तर प्रदेश

मानव सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों के अथक प्रयासों से गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति भी जी रहे सामान्य जीवन- अंजनी कुमार
मैनपुरी 23 जनवरी जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने विकास भवन के सभागार में एड्स जागरूकता कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि देश में 1986-87 में इस बीमारी की जानकारी हुई और उस समय इस रोग के बारे में मेडिकल एजुकेशन में एक छोटा सा पाठ्यक्रम शामिल किया गया, जैसे-जैसे इस असाध्य बीमारी ने पैर पसारने शुरू किये, वैसे-वैसे चिकित्सकों ने इस पर शोध प्रारंभ किये और इस पाठ्यक्रम ने विस्तृत रूप लिया। उन्होने कहा कि शुरूआत में इस रोग के बारे में चर्चा होती थी तो लगता था कि कितना भयंकर रोग है, इसका कोई इलाज नहीं, इस रोग को पढ़ने या सुनने वाला व्यक्ति समझता था कि इस रोग से ग्रसित व्यक्ति की मृत्यु बहुत ही शीघ्र होगी लेकिन आज आप सबकी मेहनत, मेडिकल सांइस की उन्नति का परिणाम है कि अब जो व्यक्ति इस रोग से ग्रसित हैं वह सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा हैं। उन्होने कहा कि मानव का विकास इस पृथ्वी पर सबसे बड़ा चमत्कार है, ऐसा कुछ भी नहीं है जो मानव के लिए संभव न हो, आज जो चीज असंभव दिख रही है वह धीरे-धीरे आने वाले समय में असंभव से संभव में परिवर्तित होगी। उन्होने कहा कि जनपद में सबसे पुराना केस 2013 का है, यानि 12 वर्ष से एड्स ग्रसित व्यक्ति सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा हैं और वह बिल्कुल स्वस्थ्य हैं, नियमित रूप से दवाईयों का सेवन करने, सावधानी बरतने के फलस्वरूप बीमारी से ग्रसित व्यक्ति भी सामान्य अवधि तक जीवित रहकर एक सामान्य इंसान की भांति जीवन का आनंद ले सकता है।
श्री सिंह ने कहा कि वर्ष-1986 से लेकर अब तक इस छोटे से कालखंड में एक असाध्य माने जाने वाले रोग को इस स्तर पर हम और आप लेकर आये हैं कि दुभाग्यवश किसी को यह रोग हो भी जाये तो आप द्वारा बतायी गयी दवाईयों, सावधानियों का पालन करते हुये सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। उन्होने कहा कि इस पृथ्वी पर सबसे मूल्यवान वस्तु इसांन का जीवन है, मानव जीवन सबसे मूल्यवान वस्तु है, इस मूल्यवान वस्तु का संरक्षण स्वास्थ्यकर्मी, चिकित्सक कर रहे हैं, यह बहुत ही खुशी की बात है। उन्होने कहा कि एड्स से ग्रसित लोगों के मन में किसी भी प्रकार का कोई भय नहीं है, यदि वह चिकित्सक द्वारा दी गयी दवाओं का समय से सेवन करे और सावधानी बरते तो वह सामान्य जीवन जी सकता है, आज ऐसी दवाएं उपलब्ध है जो रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने का कार्य करती है और किसी भी तरह के रोगों से लड़ने में सहायक सिद्ध हो रही है, विशेषकर टी.बी., एच.आई.बी. आदि जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने के लिए दवाएं उपलब्ध हैं।
जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी ने एड्स नियंत्रण में बेहतर कार्य करने वाली दिशा की टीम के अतुल वर्मा एस.एस.के. मैनेजर, नीरू चौहान एस.टी.आई. काउंसलर, शशि यादव आई.सी.टी.सी. काउंसलर, आशू पांडेय एस.एस.के. काउंसलर, नृंसिंह राठौर, अमित कुमार लैब टेक्नीशियन, रिचा दुबे, राजीव कुमार, सुनील कुमार, सत्यजीत को प्रशस्ति पत्र एवं स्वास्थ्यकर्मी श्वेता चौहान, शिवानी, दीक्षा, सुमित्रा, अनीता, शमीम बानो, मीना को प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, उपायुक्त मनरेगा श्वेतांक पाण्डेय, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. मदन लाल, मुख्य चिकित्साधीक्षक महिला डॉ. शशांक कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. गौरव अग्रवाल, आगरा मंडल की दीक्षा प्रभारी रेनू कौशल, कुं. आर.सी. महिला विद्यालय प्राचार्य डॉ. शैफाली यादव सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सक, कर्मचारी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, दिशा की टीम आदि उपस्थित रहे।

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