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महिला शौचालय में खुला फलों का गोदाम

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महिला सुलभ शौचालय अतिक्रमण की चपेट में

महिला शौचालय में खुला फलों का गोदाम

मोदी सरकार की सुलभ शौचालय योजना को हापुड़ नगर पालिका दिख रही ठेंगा

कर निर्धारण अधिकारी ने वक्तव्य देने से किया इनकार

स्पेशल रिपोर्ट

जहां एक तरफ मोदी सरकार ने समस्त भारत वर्ष में स्वच्छता अभियान के चलते सुलभ शौचालय का निर्माण करा कर समस्त देशवासियों को स्वच्छ भारत मिशन के लिए जागरूक किया है वहीं दूसरी ओर जनपद हापुड़ की नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित छतरपुर चौराहे पर हाल ही में निर्मित पिंक टॉयलेट को फल विक्रेता फलों के गोदाम के रूप में इस्तेमाल कर रहा है जिसके छायाचित्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। आज इसी संबंध में नगर पालिका के कर निर्धारण अधिकारी से जानकारी मांगी गई तो उपरोक्त अधिकारी ने स्वयं पर चार्ज न होने की बात कहकर आधिकारिक वक्तव्य देने से इनकार कर दिया इसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष पति श्रीपाल जी से उपरोक्त मामले में पूछताछ की गई तो उन्होंने टॉयलेट को खाली करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया जब पालिका अध्यक्षा से आधिकारिक वक्तव्य देने के लिए कहा गया तो उनके पति ने सेनेटरी इंस्पेक्टर राजकुमार से वक्तव्य लेने को कहा तत्पश्चात जब सेनेटरी इंस्पेक्टर राजकुमार से संपर्क साधा गया तो उन्होंने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि तो अधिशासी अधिकारी के ट्रांसफर के बाद उनका चार्ज स्वत: निचले स्तर के अधिकारी पर चला जाता है अतः कर निर्धारण अधिकारी ही वक्तव्य देने के लिए सक्षम अधिकारी हैं क्युकी अतिक्रमण विभाग भी के अंदर में आता है अंततः पूरी नगर पालिका में सभी संबंधित अधिकारियों के पास यहां वहां चक्कर लगाने के उपरांत भी जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो हमारे संवाददाता द्वारा एसडीएम हापुर से संपर्क साधा गया मामले की जानकारी होने पर उन्होंने उपरोक्त मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है उपरोक्त पूरे प्रकरण से ऐसा प्रतीत होता है कि हापुड़ नगर पालिका में विकास कार्य केवल कागजों पर ही चल रहा है एवं करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद भी विभाग के बड़े अधिकारी ही मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को पलीता लगा रहे हैं हापुड़ नगर के सभी मुख्य चौराहों पर अतिक्रमण एक बड़ी समस्या बन चुका है जिसके तहत यातायात पुलिस को शहर में यातायात की चरमराती व्यवस्था बनाने में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बावजूद इसके नगर पालिका का गैर जिम्मेदार रवैया जग जाहिर है वहीं दूसरी तरफ सिटी कोतवाली के समीप बना सार्वजनिक शौचालय भी नगर पालिका के भ्रष्टाचार का एक जीता जागता उदाहरण है अंबेडकर तिराहे के समीप बने इस शौचालय का निर्माण हाल ही में लाखों रुपए खर्च करके किया गया है बावजूद इसके सार्वजनिक शौचालय पर पानी की सुचारू व्यवस्था नहीं की गई जिसके चलते आम जनता को खासी दिक्कत उठानी पड़ रही है वहीं पर शौचालय पर नियुक्त कर्मचारियों का कहना है कि शौचालय पर पानी की पर्याप्त टंकी नहीं रखवाई गई है जिस कारण लाखों रुपए के खर्चे के बावजूद भी यह शौचालय केवल शोपीस बनकर रह गया है जिसका उपयोग नगर पालिका अध्यक्षा केवल अपनी ब्रांडिंग और प्रमोशन के लिए कर रही है आपको बता दें की इस शौचालय की छत पर नगर पालिका अध्यक्षा का एक लाखो रूपयो का विज्ञापन कई महीनो से लगाया हुआ है लेकिन आज तक आम जनता के लिए शौचालय पर पानी की सुचारु व्यवस्था नहीं की गई जिसमें केवल 10000 से ₹20000 का ही खर्च होना है। कुछ दिन पहले हापुड़ नगर पालिका अध्यक्षा पर गलत तरीके से टेंडर दिए जाने के भी इल्जाम लगे थे जिसकी अभी तक उच्च स्तरीय जांच चल रही है इन्हीं सभी अव्यवस्थाओं एवं भ्रष्टाचार के चलते हापुड़ नगर पालिका लगातार भ्रष्टाचार एवं विवादों के घेरे में चली आ रही है और उच्च स्तरीय अधिकारी अपनी आंखें मूंदे बैठे हैं जिसके चलते हापुड़ की आम जनता अपने आप को थगा सा महसूस कर रही है गौरतलब है की क्या इन सभी अव्यवस्थाओं के चलते शीर्ष अधिकारी एक्शन मोड में आते हैं या हापुड़ की लाचार जनता को अतिक्रमण एवं सार्वजनिक शौचालय जैसी समस्याओं से रोजाना दो चार होना पड़ेगा?

सुमत सिसोदिया
प्रदेश महासचिव
आईरा इंटरनेशनल रिपोर्टर्स एसोसिएशन

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