मरघट को लेकर दो पक्षों में जबरदस्त तनाव,तहसीलदार ने संभाली स्थिति

काशीपुर,,उत्तराखंड,(रिजवान अहसन ), आज स्थानीय वार्ड न0 2 जसपुर खुर्द पशुपति विहार में मरघट विवाद को लेकर दो समुदाय आमने सामने आ गए,दोनो ओर से दर्जनों महिला पुरुष टकराव की स्तिथि में मरघट पर इकट्ठा हो गए तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए तुरंत थाना आईटीआई के पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे।

बता दे की निंझरा रोड पर कुछ भूमि पर काफी वर्षो पहले मरघट शमशान स्थापित था जो की सरकारी दस्तावेजों में आज भी मौजूद है,स्थानीय लोगो का कहना है की पिछले 24 /25 वर्षो से यह कोई भी मुर्दा नही फूका गया,आज यहां घनी आबादी मौजूद है जो पूरी तरह से एक कॉलोनी में तब्दील हो चुकी है निकट में ही एक प्रतिष्ठित स्कूल भी है।

यदि यहा मुद्दो को जलाया जाता है तो यह के निवासियों को भयंकर बदबू,ओर प्रदूषण का सामना करना पड़ेगा वही दूसरी ओर महिलाओं और बच्चों में डर का माहोल बना रहेगा।

वहा मोजूद महिलाओं का कहना है की सिख समाज के लोग बिना प्रशासनिक अनुमति अपनी दबंगई दिखा कर ये भूमि कब्जाना चाहते है,इन लोगो ने इस भूमि पर खड़े पीपल ,सेमल और यूके लिपटिस के लगभग 15 पेड़ काट डाले है,जिनको ये लोग ट्रक्टर ट्रॉलियो से अपने घर ले गए है,कॉलोनी वासियों ने आरोप लगाया है की इन दबंगों ने गुंडा गर्दी के बल पर कॉलोनी को जाने वाले मार्ग को भी पूरी रहा छतीग्रस्त कर दिया है,वहा मौजूद वार्ड पार्षद दीप चंद जोशी ने कहा की मरघट को किसी और स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रयास चल रहा है,तथा बाहरी लोगो को वो अपने वार्ड में मन मानी नही करने देंगे।

वही दूसरी तरफ सिख समुदाय के दर्जनों महिला और पुरुष मरघट की भूमि पर निर्माण कार्य करने की जिद्द पर अड़े रहे मामले को तूल पकड़ता देख स्थानीय तहसीलदार ने मोर्चा संभाला तथा बिना किसी सरकारी अनुमति के वहा किसी भी निर्माण कार्य को अवैध बताते हुए तुरंत कार्य रुकवा दिया गया
तहसीलदार पंकज चंडोला ने दिनों पक्षों को आपसी सहमति से इसका हल निकालने का आग्रह किया जिसके बाद दोनो पक्ष शांत हुए,
इधर भूमि पर अवैध रूप से पैडो का कटान करने पर वन विभाग ने अपने कड़े तेवर दिखाते हुए 3 लोगो पर वन संरक्षण अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही कर दी है,फिलहाल स्तिथि शांत और नियंत्रित है


















