असम/गुवाहाटी

बीटीसी जनसाधारण और संगठनों की ओर से रिहन दैमारी को विशेष मंत्री पद देने की मांग।

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बीटीसी जनसाधारण और संगठनों की ओर से रिहन दैमारी को विशेष मंत्री पद देने की मांग।

पंकज नाथ , असम, 11 मई :

असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) के जनसाधारण और स्थानीय संगठनों की ओर से डिप्टी मुख्य कार्यकारी सदस्य (डिप्टी सीईएम), असम विधानसभा 2026 के विधायक तथा बीपीएफ पार्टी के ज्येष्ठ नेता रिहन दैमारी को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की मंत्रिपरिषद में विशेष मंत्री पद प्रदान करने की मांग तेज हो गई है। यह दावा बीटीसी क्षेत्र के विकास, शांति और प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए किया गया है। स्थानीय संगठन और निवासी मानते हैं कि यह कदम बोडोलैंड के मुद्दों को प्रभावी रूप से संबोधित करेगा। रिहन दैमारी बीपीएफ के प्रमुख नेता हैं, जो उदालगुरी विधानसभा क्षेत्र से 2026 के असम विधानसभा चुनाव में UPPL के नेता दिपेन बोरों को 27,554 फोटो से परास्त कर विजयी हुए। इससे पहले बीटीसी के डिप्टी सीईएम के रूप में वे क्षेत्रीय शांति, बुनियादी ढांचा विकास और आर्थिक प्रगति के लिए समर्पित थे । बीटीसी के कई संगठनों ने एकमत होकर कहा कि बीपीएफ ने डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व का पूर्ण समर्थन किया है। रिहन दैमारी के विशेष मंत्री पद मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कें, रोजगार और जनजातीय कल्याण जैसे मुद्दों को कैबिनेट स्तर पर प्राथमिकता मिलेगी। बीटीसी संगठनों ने उल्लेख किया कि असम सरकार ने पूर्व में एनडीए सहयोगियों को महत्व दिया है। 2025 में चरण बोरों को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने का उदाहरण देते हुए सभीने जोर दिया है कि रिहन दैमारी का विशेष मंत्री बनना बोडोलैंड की समृद्धि को नई गति देगा। यह मांग क्षेत्रीय संतुलन, समावेशी शासन और स्थानीय हितों की रक्षा के लिए उठाई गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 2024-2026 के दौरान मंत्रिपरिषद का क्रमिक विस्तार किया, जिसमें बीपीएफ सहित सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया। बीपीएफ का एनडीए से गठजोड़ असम की राजनीति में स्थिरता का प्रतीक बना हुआ है। मुख्यमंत्री द्वारा इस मांग को स्वीकार करने से बीटीसी में विकास परियोजनाओं को तेजी मिलेगी, जिससे युवाओं को रोजगार और बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। इस बजह से स्थानीय संगठन और निवासी शांति व समृद्धि के लिए सरमा सरकार के प्रति आशान्वित हैं। कुल मिलाकर, यह कदम असम की एकता, क्षेत्रीय प्रगति और समावेशी राजनीति को सशक्त बनाएगा, जिससे राज्य स्तर पर सकारात्मक संदेश प्रसारित होगा ।

Pankaj Nath

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