बज़्म-ए-सुख़न, स्योहरा के ज़ेरे-एहतमाम 40वां ऑनलाइन ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन

रिपोटर विकास सिंह
बज़्म-ए-सुख़न, स्योहरा के ज़ेरे-एहतमाम 40वां ऑनलाइन ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन
नूरपुर।पिछली रात बज़्म-ए-सुख़न, सिवाहरा-ए-हिंद (یادगार हिलाल ‘दिल’ सिवाहरवी) के तत्वावधान में 40वां ऑनलाइन ऑल इंडिया तरही मुशायरा सफलता पूर्वक आयोजित हुआ। इस बार का तरह मिसरा था:अगर बचपन से बच्चों की खबर रखता तो अच्छा था”कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध शायर डॉ. नज़ाकत हुसैन साक़िब (धामपुरी) ने की, जबकि निज़ामत (संचालन) के फ़र्ज़ गौहर हिलाल सिवाहरवी ने अदा किए।सरपरस्ती मास्टर आरिफ़ नियाज़ चाँदपुरी ने की और कार्यक्रम मुफ्ती क़फ़ील अतहर सिवाहरवी की देखरेख में पूर्णता को पहुँचा।मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए:मौलाना शमशेर अहमदी मजाहिरी (नींदड़ो)मौलाना सिराजुद्दीन रहबर (कांठ)मौलाना अब्दुल ग़फ़्फार दानिश (नूरपुरी)मुशायरे को एक खूबसूरत रंग क़ारी अब्दुल क़ादिर हसरत हबीबवाला द्वारा दिया गया।इस मुशायरे में देशभर से नवोदित और वरिष्ठ शायरों/शायरात ने हिस्सा लिया और तरही कलाम पेश कर दर्शकों और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जिन शायरों/शायरात का कलाम पेश किया गया, उनके नाम निम्नलिखित हैं।क़ारी राशिद हमीदी (धामपुरी)क़ारी नौशाद आलम शाद अलीगढ़ी अनवारुल हक़ शादाँ फरीदी (मेरठ)शनावर करतपुरी डॉ. सईदुल हसन ख़ां गहर खैराबादी,मौलाना अतहर कमलापुरी,निसार मंज़र सिवाहरवी डॉ. आफ़ताब नुमानी (नजीबाबाद),अली अक़्रम नूरपुरी,साहिल सर्दहनवी (मेरठ)मुहम्मद साबिर गढ़ी कांठ,मौलाना मुहम्मद रिज़वान (सिवाहरा)मुफ्ती इफ्तिख़ारुल हसन (धामपुर)हाफ़िज़ मसूद (महमूदाबाद)डॉ. अज़ीज़ (ख़ैराबादी)ज़ियाउद्दीन ज़िया (ख़ैराबादी)जनाब क़मर (ख़ैराबादी)हुजैफ़ा ख़ालिद उस्मानी (मालेगाँव)तस्लीम अहमद तस्लीम (नगीना)अख्तर मजीबी (ख़ैराबादी)मिस चमन कलीम (दरभंगा, बिहार)अश्फ़ाक अली गुलशन (ख़ैराबादी)महबूब (ख़ैराबादी)
घायल (ख़ैराबादी)सब्तैन परवाना (कटिहार, बिहार)हकीम असरारुल हक़ (नूरपुरी)मौलाना मुहम्मद तारिक (देहरादून)नाज़िम रज़ा (मुरादाबाद)सरवत दौलतपुरी (कटिहार, बिहार)इसके अतिरिक्त देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में शायरी के दीवाने, शायर और साहित्य-प्रेमी ऑनलाइन उपस्थित रहे और मुशायरे का भरपूर आनंद लिया।कार्यक्रम के अंत में बज़्म के संस्थापक मुफ्ती क़फ़ील अतहर स्योहरवी ने सभी प्रतिभागियों, श्रोताओं और सहयोगियों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया और कहा कि इस मासिक कार्यक्रम का उद्देश्य उर्दू भाषा और साहित्य की सेवा करना, और नई पीढ़ी में उर्दू के प्रति रुचि पैदा करना है।


















