धामपुर-बिजनोर-उत्तरप्रदेश

प्लेटलेट्स कम होने पर घबराये नही धैर्य बनाये रखे-जरूरी नही की डेंगू ही हो और कारण से भी प्लेटलेट्स कम हो सकते है-डॉ0 स्नेही

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प्लेटलेट्स कम होने पर घबराये नही ,धैर्य बनाये रखे। जरूरी नही की डेंगू ही हो और कारण से भी प्लेटलेट्स कम हो सकते है -डॉ0 स्नेही।

धामपुर– प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धामपुर जनपद बिजनौर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बी0 के0 स्नेही ने बताया कि बारिश के बाद जमा हुए पानी से शहर एवं गांव में मच्छर पनपने से और उसके काटने से कई तरह के मच्छर जनित रोग पैदा होते हैं। जिसमें मुख्य रूप से मलेरिया, डेंगू ,जापानी इंसेफेलाइटिस, दिमागी बुखार ,चिकनगुनिया एवं फाइलेरिया आदि मुख्य हैं। इनसे बचने के लिए सभी लोग स्वस्थय व्यवहार अपनाये और मच्छर जनित रोगों को हराये। परिवार करें मच्छरों पर बार। साफ सफाई का रखें विशेष ध्यान। डॉक्टर स्नेही ने सभी क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों से अपील की है कि आप लोग इन बीमारियों से बचाव के लिए पूरी तरह की आस्तीन के कपड़े पहने ,सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें ,मच्छरों से बचाव हेतु घर के दरवाजा, खिड़कियों पर जाली लगवाये, व्यक्तिगत साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें ,सूअर जानवर वाड़ो को नियमित साफ सफाई करें तथा उन्हें घर से दूर रखें ,पानी की टंकी को ढक कर रखें ,फूलदान ओर गमले एवं कूलर का पानी साप्ताहिक अंतराल पर अवश्य बदलते रहे ,नालियों की साफ सफाई रखें, व अपशिष्ट पदार्थ का समय से उचित निस्तारण करें। कोई भी बुखार जानलेवा साबित हो सकता है ।तेज बुखार के साथ शरीर में दर्द ,सर दर्द ,बदन दर्द, जाडा लगना आदि लक्षण मिलने पर पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर को अवश्य दिखाएं ।जहां पर प्राथमिक उपचार के रूप पर दवाइयां दी जाएगी, जिनका सेवन समय अनुसार करें और लाभ न मिलने पर खून की जांच अवश्य करवाये। डेंगू के हर रोगी को प्लेटलेट्स की आवश्यकता नहीं होती है। प्लेटलेट्स कम होने के और भी कई कारण हैं। जिनमे से मुख्य रूप से दर्द निवारक दवाइयां लेना शामिल है। साथ ही एंटीबायोटिक आदि दवा लेने से भी प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं। साथ ही इम्यूनिटी कम होने पर और इन्फेक्शन शरीर में होने पर प्लेटलेट्स कम पड़ जाते हैं। इससे घबराने की आवश्यकता बिल्कुल नहीं है। शासन द्वारा बताया गया है कि 10000 से कम प्लेटलेट होने पर ही अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ती है ।आप लोग नियमित रूप से डॉक्टर के संपर्क में रहे। हर बुखार डेंगू नही होता ।डेंगू एक वायरस से होने वाला संक्रमण ओर रोग है, जो डेंगू वायरस से होता है।इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहते है। इसके लिए अभी तक कोई वैक्सीन नही बनी है। डेंगू वायरस से पीड़ित होने के 3 से 14 दिन बाद किसी व्यक्ति में लक्षण दिखते हैं और लक्षण अक्सर 4 से 7 दिनों के बाद ही दिखते हैं।डेंगू के निम्न लक्षण होते है ,बुखार जो 104 डिग्री फारेनहाइट तक जा सकता है,हल्का तेज सरदर्द, उल्टी दस्त ,ज्यादा थकान लगना, आंखों में सूजन ,सांस लेने में कठिनाई, पेट में दर्द ,त्वचा में चकत्ते, नाक मुह से खून आना जोड़ो ओर मांशपेशियों में दर्द होना आदि हो सकते है। आराम करें, पौष्टिक आहार का सेवन करें। प्रोटीन डाइट ले ।सलाद, ताजा फल आदि का सेवन करने से प्लेटलेट्स जल्दी बढ़ जाते हैं।शरीर मे पानी की कमी न होने दे ,खूब पानी पिये, इसमें नारियल का पानी ,इलायची पानी,छाछ ओर नींबू पानी खूब पिये।कीवी, सेव, पपीता ,मौसमी आदि का सेवन करने से जल्दी ही लाभ मिलता है। एस्प्रिन की गोली गलती से भी ना लें। ना ही ब्रूफेन की गोली का सेवन करें ।बुखार दर्द में सिर्फ पैरासिटामोल की गोली का ही सेवन करें।जांच किसी भरोसेमंद बड़ी लैब में ओर सरकारी अस्पताल में ही करवाये। साथ ही इन बातों का विशेष ध्यान रखें ।जैसे खुले में शौच न जाए, घर और कार्यस्थल के आसपास पानी जमा न होने दे, सुबह शाम के समय घर के खिड़की दरवाजों को खुला ना छोड़े, पुराने एवं खराब सामान को छत पर ना फेंके, पुराने टायर, प्लास्टिक के कप एवं फ्रिज की ट्रे बोतले कबाड़ फूल दाने आदि में पानी इकट्ठा न होने दें ।। बुखार आने पर लापरवाही बिल्कुल ना करें और बिना चिकित्सीय परामर्श के कोई भी दवाई का सेवन बिलकुल न करें। डॉक्टर स्नेही ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धामपुर पर मच्छर जनित बीमारियों के इलाज और जांच की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही विकासखंड धामपुर के अंतर्गत आने वाले समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो, हेल्थ एंड वैलनेस सेंट्रो पर भी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ।इसके साथ ही जहां पर भी उक्त बीमारी के पॉजिटिव रिपोर्ट के मरीज मिलने पर उन गांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं ।साथ ही उक्त गांव के प्रधान जी के सहयोग से एंटी लारवा का छिड़काव और फॉगिंग आदि करवाया जा रहा है। अभी तक पांच गांव में उक्त स्वास्थ्य शिविर डॉ0 अंकित कुमार ,डॉ0राहुल देव ,अशोक शर्मा के नेतृत्व में लगाये जा चुके हैं। जिनमे कलाली,कोपा ,मीमला, आदि शामिल है। इसके साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चलने वाली चिकित्सकीय टीम द्वारा नियमित रूप से गांव में जाकर माइक्रो प्लान के अनुसार स्कूली बच्चों एवं आंगनबाड़ी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से किया जा रहा है। साथ ही उसी गांव में कैंप लगाकर वायरल फीवर, मौसमी बीमारी आदि के बारे में स्वास्थ्य शिविर लगाकर, जांच कर उचित दवाइयां मुहैया कराई जा रही हैं ।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धामपुर में इस बाबत कंट्रोल रूम बनाया गया है। जंहा पर राहुल कुमार चौहान और अंकित कुमार कि ड्यूटी लगाई गई है ।कही से भी संक्रामक रोग या बीमारी की सूचना मिलती है तो शिकायत आने पर तत्काल निस्तारण कर सहायता मुहैया कराई जाती है।

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