पिता की परंपरा को बेटी ने किया जिंदा, दीपिका गुड़िया के नेतृत्व में काशीपुर से हल्द्वानी तक कांग्रेस का सैलाब

हल्द्वानी / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,,उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान से बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। कांग्रेस की शंखनाद रैली में प्रदेशभर से हजारों कार्यकर्ता पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सुनने के लिए मैदान खचाखच भरा रहा।इस रैली में काशीपुर की भी दमदार मौजूदगी रही। प्रदेश कांग्रेस की नवनियुक्त सचिव डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय के नेतृत्व में काशीपुर से सैकड़ों वरिष्ठ कार्यकर्ता बसों के काफिले के साथ हल्द्वानी पहुंचे।रैली में शामिल हुए वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के लिए यह दिन पुरानी यादों को ताजा करने वाला रहा।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगभग 25 साल बाद उन्होंने इस तरह बसों से सामूहिक रूप से किसी बड़ी रैली में शिरकत की है। इस दौरान उन्हें पूर्व सांसद स्व. सत्येंद्र चंद्र गुड़िया जी की याद आई। कार्यकर्ताओं ने बताया कि गुड़िया जी भी इसी अंदाज में कार्यकर्ताओं को लखनऊ, दिल्ली, देहरादून तक होने वाली बड़ी रैलियों में लेकर जाते थे।वरिष्ठ कांग्रेसजनों ने कहा कि स्व. गुड़िया जी की उसी परंपरा को उनकी पुत्री डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय आगे बढ़ा रही हैं।इस मौके पर डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय ने कहा, “प्रदेश में परिवर्तन की बयार बह रही है। 2027 में भाजपा का सत्ता से जाना तय है। हल्द्वानी से खड़गे जी ने परिवर्तन का शंखनाद कर दिया है, इससे पहले देहरादून में राहुल गांधी जी युवाओं में जोश भर चुके हैं। कार्यकर्ताओं की एकजुटता बता रही है कि कांग्रेस ही प्रदेश का मजबूत विकल्प है।

“रैली में डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय के साथ मनोज जोशी एडवोकेट, संजय चतुर्वेदी, विमल गुड़िया, उमेश जोशी एडवोकेट, इंदर सिंह एडवोकेट, सरित चतुर्वेदी, ब्रह्म पाल, माजिद अली, अशोक नेहरू, अब्दुल समद, महेंद्र लोहिया, राजेश कुमार एडवोकेट, निशित गुड़िया, दीपक गुप्ता, इकबाल अदीब, नजाकत हुसैन, विकल्प गुड़िया, दलजीत सिंह महल, संदीप चतुर्वेदी, तनवीर एडवोकेट, संगीता यादव, तरुण लोहानी, अजय शर्मा, यथार्थ आत्रेय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।आईरा न्यूज़ पर विशेष साक्षात्कारसाक्षात्कारकर्ता: आईरा न्यूज़ के प्रबंध निदेशक रिज़वान अहसनसाक्षात्कार में: प्रदेश कांग्रेस सचिव डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेयरिज़वान अहसन: डॉ. दीपिका जी, काशीपुर से इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को बसों से हल्द्वानी ले जाने के पीछे क्या सोच थी?डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय: रिज़वान जी, सोच एकजुटता दिखाने की थी। काशीपुर का कार्यकर्ता लंबे समय से इस तरह के सामूहिक आह्वान का इंतजार कर रहा था। हम चाहते थे कि पिताजी स्व. सत्येंद्र चंद्र गुड़िया जी के समय की तरह फिर से कार्यकर्ता एक साथ, एक आवाज में कांग्रेस के साथ खड़े दिखें।रिज़वान अहसन: कार्यकर्ता कह रहे थे कि 25 साल बाद बसों से रैली में जाने से पुराने दिन याद आ गए, इस पर क्या कहेंगी?डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय: ये सुनकर मुझे भावुकता भी हुई और गर्व भी। पिताजी कार्यकर्ताओं को परिवार की तरह लेकर चलते थे। लखनऊ, दिल्ली तक वो इसी तरह सबको साथ लेकर जाते थे। आज उसी परिवार ने मुझे आशीर्वाद दिया है, यह मेरे लिए सबसे बड़ी पूंजी है।रिज़वान अहसन: आपने मंच से कहा कि प्रदेश में परिवर्तन की महाबयार है, इसका आधार क्या है?डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय: आधार जनता का मूड है। हल्द्वानी में खड़गे जी को सुनने उमड़ा जनसैलाब और उससे पहले देहरादून में राहुल गांधी जी की युवा सभा में जो ऊर्जा दिखी, वो साफ बता रही है कि लोग बदलाव चाहते हैं। 2027 में भाजपा का सत्ता से बेदखल होना तय है।रिज़वान अहसन: काशीपुर के लिए आपकी आगे की क्या योजना है?डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय: काशीपुर से ही संगठन को मजबूत करने का काम शुरू होगा। हर बूथ, हर वार्ड तक हम कार्यकर्ताओं की टीम फिर से खड़ी करेंगे। शंखनाद रैली तो सिर्फ शुरुआत है, असली लड़ाई हम गांव-गांव तक ले जाएंगे।


















