नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग (NCA) की तैयारियां अंतिम चरण में – शीघ्र सेवा के लिए तैयार

वाराणसी, 30.03.2026। राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम (NPHCE) के अंतर्गत आईएमएस, बीएचयू में स्थापित 200-बेड का नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग (NCA) का निर्माण अगले माह तक पूर्ण होने की संभावना है। केंद्र को शीघ्र पूर्ण रूप से संचालित करने हेतु उपकरणों एवं फर्नीचर की खरीद प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
एनसीए के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 135 स्थायी पद (शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक) स्वीकृत किए गए हैं। यह अत्याधुनिक वृद्धजन स्वास्थ्य सेवा केंद्र के शीघ्र संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह स्वीकृति वृद्धजन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा जेरियाट्रिक मेडिसिन के क्षेत्र को आगे बढ़ाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। एनसीए के चालू होने के बाद यह केंद्र वृद्धजन आबादी को समर्पित उन्नत स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेगा।
इन पदों की स्वीकृति से संस्थान की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे उन्नत जेरियाट्रिक देखभाल, बेहतर रोगी परिणाम, शैक्षणिक प्रगति तथा अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा, जो एनसीए के उद्देश्यों के अनुरूप है।
यह उपलब्धि जेरियाट्रिक मेडिसिन के क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं एवं क्षमता निर्माण के लिए सरकार की दूरदर्शी सोच को भी दर्शाती है।
एनसीए के नोडल अधिकारी प्रो. अनुप सिंह ने बताया कि यह हम सभी के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। मैं माननीय कुलपति, निदेशक, विश्वविद्यालय प्रशासन तथा मंत्रालय स्तर पर प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त करता हूँ। आईएमएस, बीएचयू सरकार के विश्वास को प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं, शैक्षणिक उत्कृष्टता और वृद्धजनों के जीवन स्तर में सुधार के रूप में परिवर्तित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
यह उपलब्धि भारत में बढ़ती वृद्धजन आबादी की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।


















