दुर्गा पूजा से भी कर लगाने के असम सरकार के कदम की असम तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने किया कड़ी आलोचना।

दुर्गा पूजा से भी कर लगाने के असम सरकार के कदम की असम तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने किया कड़ी आलोचना।
पंकज नाथ, असम, 22 सितंबर :
असम की भाजपा सरकार ने अब राजस्व जुटाने के लिए सभी क्षेत्रों में कर लगाकर आम आदमी को काफी परेशान करना शुरू कर दिया है। बिजली शुल्क में वृद्धि, परिवहन कर में वृद्धि, नगरपालिका कर वृद्धि आदि के बाद, इस बार मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार धार्मिक अवसरों पर भी कर लगाने जा रही है। इस बार शारदीय दुर्गोत्सव भी टैक्स के दायरे से बाहर नहीं हुआ है, हाल ही में सरकार ने आगामी दुर्गा पूजा के आयोजन की अनुमति के लिए शुल्क भी तय कर दिया है। असम प्रदेश तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने राज्य सरकार के इस फैसले पर कड़ा तंज कसकर इसे हठी फेसला बताया है।
असम तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दुर्गा पूजा जैसे पवित्र आध्यात्मिक आयोजनों पर कर लगाया गया है । प्रत्येक दुर्गा पूजा समिति को दुर्गा पूजा के लिए 300 रुपये और मूर्ति विसर्जन के लिए 100 रुपये का कर या शुल्क देना होगा। पूजा समितियों को पूजा आयोजित करने या विसर्जित करने की अनुमति तभी दी जाएगी जब इस शुल्क का भुगतान ट्रेजरी चालान (ट्रेजरी चालान) के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला लापरवाही भरा और जनविरोधी फैसला है। असम के लोग सदियों से मां दुर्गा की पूजा करते आ रहे हैं। इसके लिए किसी भी दिन कोई टैक्स नहीं देना होता था। लेकिन इस बार भाजपा सरकार ने पूजा जैसे पवित्र कार्यक्रमों पर भी टैक्स लगाया है। इस फैसले से लोगों की भावनाएं आहत होंगी। तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने एक वीडियो संदेश में कहा कि अगर राज्य के लोगों को देवी दुर्गा की पूजा के लिए करों का भुगतान करना पड़े तो इससे अधिक दुखद और खेदजनक कुछ नहीं होगा। तृणमूल कांग्रेस के असम प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कहा कि इसलिए राज्य सरकार को इस तरह के कठोर तथा हठी फैसले को तत्काल रद्द करना चाहिए।


















