दुबई भेजने के नाम पर 2 लाख की ठगी, वर्क परमिट के बदले टूरिस्ट वीजा पर भेजा, पासपोर्ट ब्लैकलिस्ट

काशीपुर / उत्तराखंड ( नसरीन खान निशा ),,,,विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। अल्ली खां निवासी एक युवक ने टांडा बादली के दो सगे भाइयों पर उसके भाई को *वर्क परमिट की जगह टूरिस्ट वीजा पर दुबई भेजकर 2 लाख रुपये ठगने* का आरोप लगाया है। एसएसपी उधम सिंह नगर के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।*दो लाख लेकर भेजा, वहां पहुंचते ही खुला धोखा* काशीपुर के अल्ली खां निवासी *मंसूर आलम* ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने अपने भाई *मुशीर आलम* को दुबई में नौकरी दिलाने के लिए टांडा बादली, रामपुर निवासी *जाबिर पुत्र साबिर उर्फ भूरा* और उसके भाई *नादिर* को फोन पे और नकद मिलाकर *2 लाख रुपये* दिए थे। आरोप है कि 19 जुलाई 2025 को मुशीर को दुबई भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि उसे *वर्क परमिट की जगह टूरिस्ट वीजा* पर बुलाया गया है। जब मुशीर ने इसका विरोध किया तो नादिर ने उसके साथ गाली-गलौच और मारपीट की। *वापस बुलाने के लिए मांगे 50 हजार* मंसूर के मुताबिक जब उन्होंने नादिर और जाबिर से बात की तो दोनों ने उन्हें भी धमकाना शुरू कर दिया और कहा कि अगर मुशीर को वापस बुलाना है तो *50,000 रुपये और देने होंगे*। मजबूर होकर मंसूर ने पहले दुबई स्थित भारतीय दूतावास और फिर विदेश मंत्रालय को ई-मेल कर मदद मांगी। विदेश मंत्रालय से संपर्क होने के बाद उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई। इसके बाद उन्होंने खुद टिकट कराकर भाई को वापस भारत बुलाया।*पासपोर्ट भी हुआ ब्लैकलिस्ट* मंसूर का आरोप है कि नादिर ने देर से वापस भेजने के कारण उसके भाई का *पासपोर्ट ब्लैकलिस्ट* करवा दिया। उन्होंने इसे *अवैध मानव तस्करी और धोखाधड़ी* का मामला बताते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।*पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा* एसपी के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी नादिर और जाबिर के खिलाफ *बीएनएस की धारा 115(2), 318(2), 352* के साथ ही *आप्रवासन और विदेशी अधिनियम 2025 की धारा 10 और 24* के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच *एसआई देवेन्द्र सिंह सामन्त* को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


















