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दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग,दया के नहीं सहयोग और सहायता के अभिलाषी-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

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बिजनोर- दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग,दया के नहीं सहयोग और सहायता के अभिलाषी-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा समाज का अभिन्न अंग, दया के नहीं सहयोग और सहायता के अभिलाषी, दिव्यांगजनों के प्रति नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है कि उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए आगे बढ़ कर उनका सहयोग करें और उनको सुविधा उपलब्ध कराएं तथा उन्हें शासकीय योजनाओं से पूर्ण मानक के अनुरूप आच्छादित करें-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा
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BIJNOR- 26 JUNE, 2023

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांग बन्धुओं को शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्राथमिकता के आधार पर लाभ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन दिव्यांगजनों की फैमिली आईडी अभी तक नहीं बनी हैं, पहले उनकी आईडी बनाएं तथा बाद में अन्य लाभार्थियों को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। इसी प्रकार उन्होंने सहायक परिवहन अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि रोडवेज बसों में शासन द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों के अनुरूप दिव्यांग बन्धुओं को यात्रा सुविधा उपलब्ध कराएं तथा किसी भी अवस्था में अनावश्यक रूप से प्रताड़ित न किया जाए। उन्होंने जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि मन्दबुद्वि जन के उत्थान एवं लीगल गार्जियनशिप स्थानीय स्तरीय सिमति (लोकल लेवल कमेटी) के अंतर्गत स्वपरायणता प्रमक्तिष्कधात मानसिक मन्दता और बहु-निशक्तता ग्रस्त दिव्यांगजनों को कानूनी संरक्षक नियुक्त कराने से संबंधित आवश्यक कार्यवाही करें।
जिलाधिकारी श्री मिश्रा आज दोहपर 12ः00 बजे कलैक्ट्रेट सभागार में जिला दिव्यांगजन बन्धु, लोकल लेबल कमेटी, जिला अनुश्रवण समिति, स्थानीय स्तरीय समिति एवं विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियोे को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के प्रति नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है कि उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए आगे बढ़ कर उनका सहयोग करें और शासकीय योजनाओं का पूर्ण गुणवत्ता के साथ उन्हें लाभ पहंुचाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन दया के नहीं सहयोग के अभिलाषी हैं, वे भी समाज का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि यदि दिव्यांगजनों को मानक के अनुरूप सहयोग और सहायता उपलब्ध कराई जाए तो वे आत्मनिर्भर हो कर समाज एवं देश के निर्माण व विकास में अपनी भागीदारी अदा करने के एहल हो सकेंगे। उन्होंने जिला अग्रिणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए कि दिव्यांग बन्धुओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनको स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराएं।
जिलाधिकरी श्री मिश्रा ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि मानसिक मन्दित/मूक बधिर बच्चों का चिकित्सीय परीक्षण कराते हुए उनके दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाएं तथा विशिष्ट दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए जाने के कार्य में अपेक्षित प्रगति लाने के लिए अधीनस्थ स्टाफ को अपनी ओर से निर्देशित करना सुनिश्चित करें। उन्हांेने यह भी निर्देश दिए कि ऐसे 05 वर्ष से कम उम्र के बच्चे जो सुन और बोल नहीं सकते, उनकी कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की व्यवस्था कराने की व्यवस्था करें ताकि उन्हें योजना का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने जिला दिव्यांग जन कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी दिव्यांग पेंशनरों के पास शत प्रतिशत रूप से प्रमाणीकरण कार्य कराना सुनिश्चित करें ताकि कि दिव्यांगजन को पेंशन प्राप्ति में कोई असुविधा न होने पाए।
इस अवसर पर परियोजना अधिकारी डूडा शक्ति सरन श्रीवास्तव, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी अजय कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेन्द्र मिश्र के अलावा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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