चर्चित हॉस्पिटल ने ली फिर एक जान,परिजनों ने काटा हंगामा

चर्चित हॉस्पिटल ने ली फिर एक जान,परिजनों ने काटा हंगामा






स्योहारा।यहां मुरादाबाद मार्ग पर स्थित चर्चित नेशनल हॉस्पिटल में केस बिगड़ने के बाद आज एक और जच्चा की मौत हो गयी जबकि उसके बच्चे का डिलीवरी के समय निधन हो गया था।मौत होने के बाद आज मृतका के परिजनों ने जमकर हंगामा काटा और शव सड़क पर रखकर जाम लगाने का प्रयास किया।
प्राप्त समाचार के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम माहुपूरा निवासी हरिराज सिंह पुत्र श्री पतराम सिंह ने थाने में तेरी देकर बताया कि मेरी पुत्रवधू रीतू पत्नी अतुल कुमार जो कि गर्भावस्था में थी दर्द होने कारण गत 1 सितंबर को ढाई दो बजे नैशनल हॉस्पिटल, मुरादाबाद रोड निकट रियालंस पेट्रोल पम्प के सामने, अपनी पुत्रवधू रीतू को एडमिट किया था । उपरोक्त हॉस्पिटल वालो ने इलाज कराने के लिए एडवासं 15,000/- हजार रूपये जमा करवाए थे व डिस्चार्ज करते समय 8000 रूपए और लिए तथा डाक्टर साहब ने मेरी पुत्रवधू के दर्द की दवाई लगवा दी थी जिसके बाद दर्द और बढ़ गया था और अगले दिन डाक्टर ने हमे बताया कि आपकी पुत्रवधू का बच्चा मर गया है उसके बाद डाक्टर ने कहा की आपकी पुत्रवधू की DNC( सफाई करवानी होंगी) तथा डाक्टरों ने मेरी पुत्रवधू की DNC करी तथा DNC के बाद मेरी पुत्रवधु की ब्लेटिंग नहीं रुक रही थी उसके बाद डाक्टरों ने डॉ. मौ. शादाब हासमी, डॉ. तस्मीन, डॉ. फरहीन, शमीना हसन ने मेरी पुत्रवधू दिनांक 05.09.2023 हो सुबह 6 बजे को पाल हॉस्पिटल, धामपुर में रेफर कर दिया गया था तथा वहाँ पर जाँच के दौरान उससे पता चला की मेरी पुत्रवधू पेट में पानी आते कटी हुई थी और बच्चीदानी भी कटी हुई थी और जाँच के बाद पाल हॉस्पिटल वालो ने अमेजैसी में मेरी पुत्रवधू का आपरेशन करने को कहा और बताया कि अगर आपरेशन नहीं किया तो ऋतु की जान जा सकती है जब डाक्टर साहब ने मेरी पुत्रवधू का आपरेशन किया तो उसमे बच्चेदानी कटी हुई पाई और आते भी कटी हुई थी इसी के चलते मेरी पुत्रवधू के दो आपरेशन हुए और डाक्टर साहब ने आपरेशन के बाद कहा की रीतू के बचने की कोई सम्भवना नहीं है। अभी भी मेरी पुत्रवधू की सीरियल हालत बनी थी जिसकी आज मुरादाबाद में इलाज के दौरान एक अस्पताल में मौत हो गयी जिसकी मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया व ग्रामीण अस्पताल पर जमा होने लगे स्थिति गम्भीर देखते हुए पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉक्टर को पकड़ थाने में बैठा दिया तो उधर परिजनों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगाने का प्रयास किया।
समाचार लिखे जाने तक शव वही पर रखकर हंगामा कर रहे थे जबकि पुलिस परिजनों को समझाने में लगी थी


















