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गीता का ज्ञान केवल भारतवासियों के लिए नहीं बल्कि सभी प्राणी मात्र के लिए उपयोगीः मेयर रेनू बाला गुप्ता

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एस आर योगी
हरियाणा करनाल

गीता का ज्ञान केवल भारतवासियों के लिए नहीं बल्कि सभी प्राणी मात्र के लिए उपयोगीः मेयर रेनू बाला गुप्ता

करनाल में भव्य तरीके से आयोजित किया गया जिला स्तरीय गीता जयंती समारोह

विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप, नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर और मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला

करनाल, 23 दिसंबर- करनाल के डाॅ. मंगल सेन सभागार में शनिवार को जिला स्तरीय गीता जयंती समारोह धूमधाम से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दूसरे दिन बतौर मुख्यतिथि करनाल नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता ने शिरकत की। वहीं विशिष्ट अतिथि के तौर पर इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप, नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गौंदर और मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर सर्वप्रथम श्रीमद्भगवद्गीता की प्रतिलिपि पर पुष्प अर्पित किए और इसके पश्चात अलग-अलग विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

कार्यक्रम में संबोधित करते हुए करनाल नगर निगम मेयर रेनू बाला गुप्ता ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान केवल भारतवासियों के लिए नहीं बल्कि सभी प्राणी मात्र के लिए उपयोगी है। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार जताया और कहा कि मुख्यमंत्री जी ने राजनीति में व्यवस्था परिवर्तन का कार्य किया है। उन्होंने प्रदेश में विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और अपनी धरोहर को संभाला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों की वजह से आज गीता जयंती का आयोजन जिलास्तर पर देखने को मिल रहा है।

स्वामी ज्ञानानंद के प्रयासों से गीता ज्ञान पूरे विश्व में गूंजायमानः मेयर रेनू बाला गुप्ता
मेयर रेनू बाला गुप्ता ने स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज का धन्यवाद किया, उन्हीं के प्रयासों से गीता ज्ञान पूरे विश्व में गूंजायमान है। आज हर शहर में, गांव में, कस्बे में और पूरे विश्व में गीता का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम 5160 साल बाद भी गीता को याद कर रहे हैं, मैं उन संत-महात्माओं को प्रणाम करती हूं, जिन्होंने इस यात्रा को यहां तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि हम सभी को संत महापुरुषों की वाणी को आत्मसात करना चाहिए। गीता जी को हम मन में धारण कर लें तो जीवन की सारी जंग जीत जाते हैं।

गीता हमें देती है अच्छा कर्म करने का संदेशः विधायक धर्मपाल गोंदर
नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर ने कहा कि गीता हमें यही संदेश देती है कि हम बुराई का साथ न दें और बुराई के साथ लड़ें। हम अच्छा कर्म करेंगे तो हमें अच्छा मिलेगा और बुरा करेंगे तो बुरा मिलेगा। हमें अच्छा कर्म करना चाहिए। हमें अपने बड़े बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए। हमें अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने चाहिए ताकि हम समाज में बेहतर कार्य करें। विधायक धर्मपाल गोंदर ने कहा कि हमारे जीवन में शिक्षा ऐसा धन है, जिसे कोई नहीं बांट सकता। बच्चे देश का भविष्य हैं, अपने देश को सुदृढ़ बनाने के लिए हमें अपने शिक्षकों व माता-पिता का सम्मान करना चाहिए। इस आधुनिक दौर में जहां युवा पीढ़ी पर पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव पड़ रहा है, वहीं आज पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को आमजन तक पहुंचाने का कर्तव्य निभाने का प्रयास प्रत्येक मानव को करना चाहिए।

मोदी और मनोहर के प्रयासों से आज जिला स्तर पर मनाई जा रही गीता जयंती: विधायक रामकुमार कश्यप
इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद किया, जिनके अथक प्रयासों से आज गीता जयंती महोत्सव न केवल कुरुक्षेत्र में बल्कि जिला स्तर पर भी मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया और उस वक्त पर दिया जिस वक्त पर अर्जुन सबसे ज्यादा निरोत्साहित था। उन्होंने अर्जुन को कर्म करने का संदेश दिया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद बच्चों को जीवन में अपना एक लक्ष्य निर्धारत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें लक्ष्य निर्धारित करके अपना कर्म करना चाहिए। बच्चों का पहला कर्म पढ़ाई करना है। विधायक कश्यप ने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि मैंने स्वयं सरकारी विभाग में नौकरी की लेकिन कर्म के दम पर आज जनता की सेवा करने का मौका मिला है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को जीवन में तरक्की करने का आशीर्वाद दिया। उन्होंने गीता जयंती पर सभी जिलावासियों को हार्दिक बधाई दी और बेहतरीन कार्यक्रम आयोजित करने पर जिला प्रशासन को भी बधाई दी।
भगवान ने किया अर्जुन के संशयों का निवारण
रिटायर्ड प्रिंसिपल मेजर सिंह और डॉ. एकता ढींगड़ा ने कहा कि महाभारत के युद्ध में अर्जुन के जीवन में यह परम सौभाग्यशाली क्षण आया कि उसने सर्वेश्वर भगवान श्री कृष्ण जी से आत्म कल्याण के लिए अपने सभी संशयों के निवारणार्थ वे सभी प्रश्न पूछे, जिनकी कामना बड़े-बड़े ज्ञानी पुरुष करते हैं। अर्जुन शोकाकुल था। अपने भक्त की दयनीय स्थिति को देख कृपा निधान गोविन्द ने सम्पूर्ण वेद, पुराण, शास्त्र आदि धर्म ग्रन्थों के सारगर्भित रहस्य बड़ी ही सहजता से अपने सखा नर रूप अर्जुन को समझा दिए। प्रभु ने ज्ञान, कर्म, भक्ति, वैराग्य, सन्यास तथा त्याग का मर्म इतनी सरलता से अर्जुन को समझाया कि सम्पूर्ण विश्व इस अद्भुत ज्ञान से आश्चर्यचकित हो गया। इस ज्ञान को सम्पूर्ण जगत श्रीमद्भगवद्गीता जी के रूप में जानता है।

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