ग़रीब मिस्कीन लोगों की कर रहे मदद घर घर पहुंचाई राशन किट -हाजी नौशाद अख्तर सैफी

बिजनौर के नजीबाबाद से आईरा वार्ता के लिए तहसील प्रभारी सरफराज़ अहमद की रिपोर्ट
ग़रीब मिस्कीन लोगों की दिल खोलकर कर रहे हैं मदद गरीबों के घर पहुंचाई जा रही है राशन किट
हाजी नौशाद अख्तर सैफी
अब तक लॉकडाउन में हजारों राशन किटे बिना दिखावे के पहुंच चुकी हैं जरुरतमंदो को
नजीबाबाद। एक तो कोरोना महामारी, लॉकडाउन, बेरोजगारी दिहाड़ी मजदूर दाने दाने और पाई पाई को मोहताज हो गया है। इन लोगों के घरों में रोज़ेदार तो है पर ना सहरी के लिए कुछ है और ना इफतार के लिए कुछ।
इस बात का जब अहसास नगर के बेहद रहम दिल समाजसेवी हाजी नौशाद अहमद सैफी को हुआ तो उन्होने फौरन रमज़ान राशन किटे बना कर शहर के तमाम मौहल्लो से उनके ज़िम्मेदार लोगों से मशवरा कर मुस्तहक लोगों को राशन किटे पहुचाने की जिम्मेदारी दी। उन्होने बताया कि बिना किसी फोटो शोर शराबे, गरीबों की आबरु रेज़ी किये बगैर हजारों किटे शहर में बाट दी गई है।
हाजी नौशाद अख्तर सैफी बेहद ग़मग़ीन थे जब कुछ मौहल्लो में जाकर उन्हें पता चला कि कुछ घरो में कुछ लोगों का मग़रिब की नमाज़ के बाद रोज़ा रहता है और कुछ घरों में अपने खानदान की इज्जत का पास रखते है और सहरी में थोडा बहुत खाकर ही रोज़ा रख रहे हैं।
कोरोना महामारी और लॉकडाउन के इस बेहद खौफ़नाक दौर में लोगों पे कारोबार नहीं है। दिहाड़ी मजदूरी खत्म है। मैट्ररो रिक्शाए बंद है ऐसे मे लोगों को हाजी नौशाद अख्तर सैफी की मदद ने हिम्मत दी है। शहर के लोग समाजसेवी हाजी नौशाद अख्तर सैफी को दुवाओ से नवाज़ रहे हैं।






