काशीपुर-उत्तराखण्ड़

कृषि भूमि नष्ट,भू माफियाओं ने फैलाया जाल,प्राधिकरण/प्रशासन खामोश।आखिर क्यों?

IMG-20260814-WA0003
previous arrow
next arrow

काशीपुर /उत्तराखंड (रिजवान अहसन ),,, कुंडा तथा काशीपुर थाना क्षेत्र के दर्जनों स्थानों पर भू माफियाओं का आतंक लोगों के सिर चढ़कर कर बोल रहा है।प्रदेश भर में केवल तराई का इलाका ही ऐसा है जहा भरपूर खेती बाड़ी हुआ करती है परंतु किसानों की उपजाऊ भूमि को कोडियो के भाव खरीद कर और सरकारी मानकों को ठेंगा दिखाते हुए ये बेखौफ भू माफिया रातों रात धनवान बनने की चाह में लगे हुए हैं।


बैलजोड़ी मोड पर बेस पॉइंट के सामने नियम कायदों को ताक पर रखकर भू माफिया धड़ल्ले से कालोनियां काट रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर शहर के कुछ रसूखदारों ने कुंडा चौराहे के समीप एक बड़े भूभाग पर कॉलोनियों को काटकर उसे रियाईशी व व्यवसायिक दुकानों का स्वरूप देते हुए उसको सेल आउट करना शुरू कर दिया। जबकि इन बेखौफ माफियाओं के पास न तो भूमि क्रय विक्रय लाइसेंस है ,ना नक्श प्रमाणित है न भूमि को रिहायशी/व्यवसायिक परिवर्तन प्रमाण पत्र(143) है इसी प्रकार प्रति वर्ष इन लोगो द्वारा करोड़ों रुपयों का चूना राजस्व विभाग को लगाया जा रहा है।


इसी तरह कुंडा चौराहे से हरियावाला की ओर जाने वाली मार्ग पर बाबरखेड़ा मोड़ के समीप प्रॉपर्टी डीलरों ने आम अमरूद के दर्जनों हरे भरे वृक्षों पर आरी चला कर उन्हें धराशाई करते हुए उपजाऊ जमीन के बड़े हिस्से पर पर कंस्ट्रक्शन शुरू कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि उक्त स्थान पर जहां निर्माण कार्य चल रहा है यहां अभी और सैकड़ो हरे-भरे आम अमरूद के वृक्ष भू माफियाओं के निशाने पर है।


ढेला नदी के मुरादाबाद रोड पर बने पुल से लेकर बैलजुडी के पुल के दोनो छोर पर भूमाफियों द्वारा सारी जमीन पर निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है माना जा सकता है कि ढेला नदी के बाढ़ का वेग बारिश में कभी तेज हुआ तो अनगिनत जिंदगिया अनायास ही मौत के मुंह में चली जाएगी। जबकि वहा निर्मित किसी भी भवन का निर्माण न तो मानकों के आधार पर हुआ है और न किसी के पास प्रमाणित मानचित्र है
इसी तरह कुछ प्रॉपर्टी डीलरों ने सुनियोजित तरीके से दर्जनों एकड़ कृषि भूमि पर नियम विपरीत प्लाटिंग कर रखी है जिसे मनमानी दामों पर बेचे जाने का काम किया जा रहा है। यानी कुल मिलाकर भू माफिया यहां आपे से बाहर है।
सवाल ये उठता है खुले आम प्रशासन की नाक के नीचे कृषि भूमि को उजाड़ा जा रहा है और अधिकारियो और प्राधिकरण को खबर तक नहीं,क्या ये सब कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिली भगत का परिणाम तो नही। समय रहते सरकार ने यदि इन पर नकेल नहीं कसा तो भविष्य के परिणाम गंभीर हो सकते हैं क्योंकि भू माफियाओं ने अब अपनी गिद्ध दृष्टि निजी जमीनों के अलावा सरकारी जमीनों पर भी गड़ा दी है। सूत्रों की माने तो दर्जनों स्थानों पर भू माफियाओं द्वारा सरकारी भूमि /आरक्षित कोटे में पट्टे की भूमि पर अवैध निर्माण भी कराए जा चुके हैं।
ब्योरा खंगालने पर नतीजे हो सकते हैं चौंकाने वाले
जिन्हें कभी फांकें की नौबत रहा करती थी, जो लोग मजूरी करके अपने परिवार की आजीविका चलाते थे आज वह पेट्रोल पंप ,रिसोर्ट तथा फैक्ट्रियों के मालिक बनकर आलीशान कोठियां में जिंदगी काट रहे हैं। ओर अकूत धन दौलत के मालिक बन बैठे हैं। आयकर विभाग ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन्हें सूचीबद्ध क्यों नहीं करता यह अपने आप में अहम सवाल है। सूत्रों का कहना है कि परोक्ष अपरोक्ष रूप में प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे से जुड़े ऐसे लोगों की संपत्तियां का यदि ब्योरा खंगाला जाए तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आ सकते हैं।
****तत्कालीन डीजीपी ने तैयार किया था एक्शन प्लान
भूमाफियाओं के खिलाफ पूर्व में तत्कालीन डीजीपी अशोक कुमार द्वारा तैयार किया एक्शन प्लान वर्तमान में निष्क्रिय हो चला है यही कारण है कि भू माफियाओं ने एक बार फिर से नियम कायदों को ताक पर रखकर सरकार के राजस्व में सेंधमारी शुरू कर दी। भू माफियाओं के खिलाफ तैयार किया गया एक्शन प्लान वर्तमान में लगभग दम तोड़ चुका है। इस एक्शन प्लान में भू माफियाओं द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों को जप्त करने के भी निर्देश जारी किए गए थे। हिस्ट्रीशीट खोलने तथा शास्त्रों के लाइसेंस निरस्त करने का भी प्रावधान है।परंतु भ्रष्ट अधिकारियों से तालमेल बना कर भूमाफिया बे खौफ है और अवैध कॉलोनियों का घिनौना खेल काशीपुर की पावन धरती पर निरंतर जारी है

RIZWAN AHSAN

100% LikesVS
0% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button