कचहरी की सुरक्षा पर हाई अलर्ट: अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा के नेतृत्व में पुलिस, डॉग स्क्वाड और बम निरोधक टीम का सघन निरीक्षण

वाराणसी। न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा के नेतृत्व में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस उपायुक्त (वरुणा) प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त (प्रोटोकॉल) जंगबहादुर यादव, सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) अपूर्व पाण्डेय, प्रभारी निरीक्षक कैंट एवं कचहरी सुरक्षा प्रभारी निरीक्षक सहित अन्य पुलिस अधिकारी, डॉग स्क्वाड, बम डिस्पोजल टीम तथा पुलिस बल मौजूद रहा। साथ ही सेंट्रल बार एसोसिएशन एवं बनारस बार एसोसिएशन, वाराणसी के अध्यक्ष एवं महामंत्री भी निरीक्षण में शामिल हुए।
निरीक्षण के दौरान न्यायालय परिसर के सभी प्रवेश एवं निकास द्वारों पर तैनात पुलिस व्यवस्था, चेकिंग प्वाइंट्स, मेटल डिटेक्टर एवं फ्रिस्किंग प्रक्रिया का गहन परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना जांच किसी भी व्यक्ति को प्रवेश न दिया जाए तथा 100% सघन चेकिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों ने न्यायालय कक्षों के आसपास के क्षेत्र, वादकारियों के प्रतीक्षा स्थल, अभिलेखागार, लॉकअप एवं अन्य संवेदनशील स्थानों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए सुरक्षा की दृष्टि से उनकी समीक्षा की। परिसर के भीतर एवं आसपास स्थित पार्किंग स्थलों का विशेष निरीक्षण करते हुए संदिग्ध एवं लावारिस वाहनों की पहचान और जांच के निर्देश दिए गए।
इस दौरान सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, कवरेज एरिया, ब्लाइंड स्पॉट्स एवं कंट्रोल रूम की मॉनिटरिंग व्यवस्था का भी परीक्षण किया गया। निर्देशित किया गया कि सभी कैमरे 24×7 सक्रिय रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डॉग स्क्वाड एवं बम डिस्पोजल टीम द्वारा न्यायालय परिसर में सघन एंटी-सबोटाज चेकिंग कराई गई। टीम ने सभी संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों को आधुनिक उपकरणों से स्कैन किया, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री की समय रहते पहचान हो सके।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए कि केवल वैध पहचान पत्र एवं न्यायालय से संबंधित कार्य वाले व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाए। अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने, बैरिकेडिंग व्यवस्था को मजबूत करने तथा आपातकालीन निकास मार्गों को सुचारू बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात समस्त पुलिसकर्मियों को ब्रीफ करते हुए निर्देशित किया कि वे पूर्ण सतर्कता, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। साथ ही आमजन एवं अधिवक्ताओं के साथ विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखने पर भी बल दिया गया।
इस सघन निरीक्षण के बाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।


















