एक जनपद-एक उत्पाद के तहत जनपद के तारकशी उद्योग को प्रदेश में ही नहीं वरन् देश में मिली पहचान- अविनाश।

आईरा न्यूज़ नेटवर्क के लिए मैनपुरी से सुबोध कुमार
एक जनपद-एक उत्पाद के तहत जनपद के तारकशी उद्योग को प्रदेश में ही नहीं वरन् देश में मिली पहचान- अविनाश।
एमएसएमई के अन्तर्गत बैंकों द्वारा सस्ती ब्याज दर पर ऋण पाकर शिक्षित बेरोजगार, नवयुवक अपना स्वःरोजगार स्थापित कर बन रहे स्वावलम्बी-जिलाधिकारी।
मैनपुरी – सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग के तत्वाधान में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय एम.एस.एम.ई. दिवस के अवसर पर मा. मुख्यमंत्री उ.प्र. शासन के संबोधन के सजीव प्रसारण के उपरांत विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं के 75 लाभार्थियों, उद्यमियों को रू. 30 करोड़ 72 लाख के ऋण स्वीकृति पत्र वितरित, एम.एस.एम.ई. की नीतियों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने कहा कि लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं संचालित की है, प्रधानमंत्री स्वःरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वःरोजगार योजना, एक जनपद-एक उत्पाद, ग्रामोद्योग विभाग की संचालित योजनाओं में बड़ी संख्या में अपना रोजगार स्थापित करने वाले व्यक्तियों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराकर स्वःरोजगार स्थापित कराने में मदद की, आज विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी लाभ पाकर स्वावलंबी, आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं साथ ही अन्य लोगों को रोजगार मुहैया करा रहे हैं, एक जनपद-एक उत्पाद योजना के अंतर्गत जनपद के तारकशी उद्योग को प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश में पहचान मिली है, एम.एस.एम.ई. के तहत स्थापित उद्योगों में बड़ी संख्या में शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार के अवसर मुहैया हो रहे हैं।
श्री सिंह ने कहा कि शिक्षित बेरोजगार नव युवकों को स्वतःरोजगार स्थापित करने के लिए संचालित योजनाओं के तहत बैंकों के माध्यम से सस्ती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि प्रदेश के नवयुवक अपना स्वतःरोजगार स्थापित कर स्वावलंबी बने, खुद विकास की दौड़ में आगे बढ़ंे साथ ही अपने स्थापित उद्योग में अन्य बेरोजगार लोगों को रोजगार मुहैया कराने का कार्य करें, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के परम्परागत कारीगर जैसे बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई सुनार, लुहार, कुम्हार, हलवाई, मोची राज मिस्त्री एवं हस्तशिल्पियों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत प्रशिक्षण एवं टूलकिट उपलब्ध कराकर हुनरमंद बनाया जा रहा है वहीं शासन की लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ पाकर बेरोजगारों, नव-युवक, युवतियों को अपना रोजगार स्थापित करने का अवसर मिला है।
जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र ने जिला खादी ग्रामोद्योग विभाग की संचालित योजना के अंतर्गत रेडीमेड गारमेंट्स हेतु सुमित कुमार, डेयरी हेतु दुष्यंत कुमार, प्रिंटिंग प्रेस हेतु जितेंद्र कुमार को रू. 05-05 लाख, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की संचालित योजनाओं के अंतर्गत लूफा स्पोंन्ज हेतु गौरव, टेंट हाउस हेतु निर्मला देवी, कंप्यूटर सेवा कार्य हेतु रशीदन बेगम को रू. 05-05 लाख एवं ब्यूटी पार्लर हेतु तनीषा कश्यप को रू. 02 लाख के ऋण स्वीकृति पत्र उपलब्ध कराये, वायोमास पीलेट्स हेतु बसंती देवी को रू. 50 लाख, दूध डेयरी हेतु राहुल कुमार, अमित कुमार, आटा प्लांट हेतु सुनील कुमार राना, टेंट हाउस हेतु कृष्णानंद पांडेय, अगरबत्ती, धूपबत्ती निर्माण हेतु अनीता को रू. 10-10 लाख, आटा चक्की हेतु प्रतिभा, डेरी उत्पादन हेतु सचिन यादव को रू. 08-08 लाख, टेंट हाउस हेतु सुमित यादव, पेस्टीसाइड स्प्रे हेतु रंजना को रू. 05-05 लाख, पेपर दोना निर्माण हेतु राजकुमार, आटा चक्की हेतु कमला देवी को रू. 03-03 लाख के ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार वर्मा, अग्रणी जिला प्रबंधक अनिल प्रकाश तिवारी, जिला उद्यान अधिकारी अनूप कुमार चतुर्वेदी, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी पवन यादव के अलावा उद्यमी, विभिन्न योजना के लाभार्थी आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन उपायुक्त उद्योग मोहम्मद सऊद ने किया।


















