अधिकारीगण गोशालाओं के निरीक्षण के दौरान संरक्षित गोवंशों की गणना करते हुए वहां मौजूद पंजिका से उसका मिलान करें तथा गोशाला में पशुओं के लिए चारे-भूसा की उपलब्धता का भी मुआयना करें-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

पशुओं को निराश्रित एवं रात्रि में गोशालाओं में छोड़े जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कराई जाएगी एफआईआर दर्ज, अधिकारीगण गोशालाओं के निरीक्षण के दौरान संरक्षित गोवंशों की गणना करते हुए वहां मौजूद पंजिका से उसका मिलान करें तथा गोशाला में पशुओं के लिए चारे-भूसा की उपलब्धता का भी मुआयना करें-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा
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BIJNOR- 30 AUGUST, 2023
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए गांवों के मुआयने के दौरान ग्राम में बने हुए पशुगणना रजिस्टर का शत प्रतिशत रूप से निरीक्षरण करें और सुनिश्चित करें कि पशुगणना पंजिका के अनुसार पशु स्वामियों के यहां पशु मौजूद हैं। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि यदि किसी पशु स्वामी के पास पंजिका मंे दर्ज पुशओं की संख्या से कम पशु पाए जाते हैं और उनका निराश्रित छोड़े जाना प्रकाश में आता है तो उसके विरूद्व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि गोवंशों का संरक्षण प्रदेश सरकार की प्राथमिता वाले कार्यक्रमों में शामिल है, जिसकी मा0 मुख्यमंत्री द्वारा नियमित रूप से समीक्षा की जाती हैै। अतः कोई भी व्यक्ति अपने पशुओं को किसी भी अवस्था में निराश्रित रूप से न छोड़ें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जो लोग रात्रि में गोशालाओं में अपने पशु छोड़ जाते हैं, उनके विरूद्व भी दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी श्री मिश्रा आज दोपहर 12ः30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में निराश्रित पशुओं की समस्या के सामाधान के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारीगण गोशालाओं के निरीक्षण के दौरान संरक्षित गोवंशों की गणना करते हुए वहां मौजूद पंजिका से उसका मिलान करें तथा गोशाला में पशुओं के लिए चारे-भूसा की उपलब्धता का भी मुआयना करें। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कोई कमी पाई जाती है तो तत्काल संबंधित अधिशासी अधिकारी नगर निकाय अथवा खण्ड विकास अधिकारी को अवगत कराना सुनिश्तिच करें ताकि उक्त कमी को दूर किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि नियमित रूप से गौशाला में पशुओं के स्वास्थ्य का परीक्षण कराएं और यदि कोई बीमार अवस्था में पाया जाए तो तत्काल उसके उपचार की समुचित व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जो गोवंश आवारा घूमता हुआ मिलता है उसको पशु गणना रजिस्टर के आधार पर यह जाना जाएगा कि वह किसका गोवंश है तथा इसके बाद संबंधित के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो ग्रामवासी गौ सेवा क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करेंगे उनको सम्मानित किया जाएगा।
जिलाधिकारी श्री मिश्रा ने यह भी निर्देंश दिए कि जिन गोशालाओं पर अवैध कब्जा है, संबंधित ईओ एवं बीडीओ उपजिलाधिकारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी से सम्पर्क कर उनको संज्ञानित करें ताकि गोशालाओं से अवैध कब्जा हटाया जा सके। उन्होंने गोशालाओं मंे संरक्षित गोवंशों के भूसा-चारा का भुगतान न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गोशालओं में यदि कोई पशु बीमारी आदि से मरता है तो उसे गढ्डा खोद कर दबाएं ताकि संक्रमण न फैले। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोशालाओं की निरीक्षण आख्या स्पष्ट टिप्पणी के साथ प्रतिदिन मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने बैठक में मौजूद सभी ग्राम प्रधानों का आहवान किया कि निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के संबंध में जिला प्रशासन को अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करें।
इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने गोवंशों के संरक्षण एवं उनकी सेवा के कार्य में सहयोग करने वाले दो किसानों जितेन्द्र चैधरी एंव उत्तम कुमार चैधरी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान मौजूद थे।


















