मैनपुरी-उत्तरप्रदेश

अधिकारियों की उदासीनता की भेंट चढ़ रहा नौनिहालों का जीवन

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अधिकारियों की उदासीनता की भेंट चढ़ रहा नौनिहालों का जीवन

आईरा न्यूज़ नेटवर्क के लिए मैनपुरी से सुबोध कुमार

बेवर/ मैनपुरी – उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी के बेवर विकासखंड की ग्राम पंचायत परौंखा के ग्राम बंजरिया में पिछले कई दिनों से जलभराव के चलते प्राथमिक विद्यालय नहीं खुल पा रहा है। विकास की बुनियादी सुविधाओं से मरहूम इस गांव में विभागीय उदासीनता के चलते नौनिहालों का जीवन अंधेरे की ओर जा रहा है। किसी भी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने और न ही जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की कई बार गुहार के बाद भी न तो कोई स्थलीय निरीक्षण किया है और न ही समस्या समाधान के लिए कोई प्रयास। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत भी बेअसर रही। अब वे भगवान भरोसे ही वर्षा ऋतु जाने का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीण शिवरतन ने बताया कि जून के अंतिम सप्ताह से ही हो रही बारिश के चलते गांव में जलभराव हो गया है। गांव में एक परिषदीय विद्यालय है जिसमें पढ़ने के लिए बच्चे जाते हैं। विद्यालय तक कोई ऐसा रास्ता नहीं है जो जलभराव होने की स्थिति में विद्यालय तक पहुंचा जा सके। ऐसे में अधिक बरसात होने पर विद्यालय संचालन बंद करना पड़ता है। इंचार्ज प्रधानाध्यापिका रिचा सिकरवार अपनी जिम्मेदारी निभाने प्रतिदिन गांव तो जरूर आती हैं लेकिन जलभराव के चलते वे भी मजबूर हैं। वही शासन की बात करें तो कायाकल्प अभियान के तहत परिषदीय विद्यालयों तक पहुंच के लिए पक्का रास्ता, चहारदीवारी तमाम बिंदुओं को लेकर हर माह रिपोर्टिंग होती है लेकिन नतीजा बंजरिया प्राथमिक विद्यालय जैसे कई विद्यालय अभी भी आपको देखने को मिल जाएंगे, जहां विकास की किरण पहुंचना बाकी है। 18 ग्रामों से संपन्न परौंखा ग्राम पंचायत विकासखंड की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है जिसके एक ग्राम बंजरिया की आबादी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है। गांव में कई ऐसे खरंजे हैं जिनके निर्माण की आवश्यकता है। लगभग साडे तीन सौ की आबादी का यह गांव छोटा जरूर है लेकिन शहर से ज्यादा दूर नहीं। ग्रामीण शिवरतन ने आगे बताया कि गांव का पानी निकासी के लिए जोगा की ओर एक नाला है लेकिन लंबे समय से सफाई न होने से नाला लगभग चॉक की स्थिति में है और पानी निकासी प्रभावित है। कई बार जिम्मेदारों से कहा गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। गांव की जलभराव के चलते लगभग 200 बीघा फसल जलमग्न है। पशुओं व ग्रामीणों के बीच संक्रामक बीमारियों का के फैलने का अंदेशा है। ग्रामीण श्याम सिंह, वीरेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह, राजेंद्र सिंह, ज्ञान सिंह, इंद्रपाल, रक्षपाल, सत्येंद्र, हरिपाल, मुकेश, बाबू राम, ओमकार, लालाराम पाल, खुशीराम पाल, मीरा देवी, रामा देवी, सुधा, लक्ष्मी, विमलेश देवी ने जिलाधिकारी से मामले को संज्ञान में लेकर समस्या समाधान की मांग की है।

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