स्पंदन 2026: टर्न कोट और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं में छात्रों की बहुआयामी प्रतिभा का उत्सव

वाराणसी, 24.02.2026। स्पंदन–2026 के चौथे दिन प्रेरक अभिव्यक्ति और शैक्षणिक सहभागिता का सशक्त संगम देखने को मिला, विश्वविद्यालय के विभिन्न स्थलों पर दो प्रमुख प्रतियोगिताएँ—टर्न कोट प्रतियोगिता और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की
कार्यक्रम की शुरुआत साहित्यिक प्रकोष्ठ के अंतर्गत शारीरिक शिक्षा विभाग स्थित डॉ. कर्ण सिंह सभागार में आयोजित विचारोत्तेजक टर्न कोट प्रतियोगिता से हुई। इस प्रतियोगिता में विभिन्न संकायों और विषयों से 22 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य संकाय के प्रो. धनंजय साहू (स्थल संयोजक) के मार्गदर्शन में हुआ तथा छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह प्रतियोगिता विचारों के सशक्त आदान-प्रदान का मंच बना, जहाँ प्रतिभागियों ने अपने ही तर्कों को चुनौती दी। विशिष्ट प्रारूप के अनुसार प्रत्येक वक्ता को छह मिनट के भीतर चुने गए विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में तर्क प्रस्तुत करना था, जिसके लिए उन्हें दस मिनट का समय दिया गया। विषयों का चयन 25 समसामयिक विषयों की सूची से चिट प्रणाली द्वारा यादृच्छिक रूप से किया गया, जिनमें से प्रतिभागियों को दो विकल्प दिए गए। समावेशिता को बढ़ावा देने हेतु प्रतिभागियों को हिंदी या अंग्रेज़ी में अपने विचार प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी गई।
प्रतियोगिता में इच्छामृत्यु, बाल श्रम, राजनीति में महिलाएँ, ऑनलाइन खरीदारी, सहकर्मी दबाव, बनारस में मेट्रो, कॉस्मेटिक सर्जरी और सेलिब्रिटी संस्कृति, “क्या महाविद्यालयों में शिक्षा निःशुल्क होनी चाहिए?”, “क्या शाकाहार (वीगनवाद) उचित है?”, तथा “क्या वर्दी से छात्रों में एकरूपता आएगी?” जैसे सामाजिक, नैतिक और दार्शनिक विषयों पर सारगर्भित विमर्श हुआ। हिंदी माध्यम के प्रतिभागियों ने मानव अंगों की बिक्री के वैधीकरण, निगरानी और निजता, ऑनलाइन शिक्षा, उत्पादों के प्रचार में सेलिब्रिटियों की भूमिका तथा मृत्युदंड जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।
विमर्शों में डिजिटल साक्षरता, आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति, इंटरनेट सेंसरशिप तथा ब्लिंकिट जैसी ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने महामना के आदर्शों का उल्लेख करते हुए नैतिक उत्तरदायित्व, सांस्कृतिक परंपराएँ, काशी हिंदू विश्वविद्यालय की ब्रांड वैल्यू और सार्वजनिक व्यक्तित्वों की नैतिक जवाबदेही पर बल दिया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन तत्परता, तार्किक सुसंगति, विश्लेषण की गहराई, आत्मविश्वास, उच्चारण और मंच उपस्थिति के आधार पर किया।
दिन की बौद्धिक यात्रा को आगे बढ़ाते हुए विधि संकाय के फैकल्टी लाउंज में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें सात टीमों ने भाग लिया, जो वाणिज्य संकाय, सामाजिक विज्ञान संकाय, पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान, शिक्षा संकाय, प्रबंधन अध्ययन संस्थान, विधि संकाय तथा वसंत महिला महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व कर रही थीं।
प्रश्नोत्तरी में 14 सुव्यवस्थित चरण शामिल थे, जिनमें इतिहास एवं भूगोल; विधि और संविधान; विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण; साहित्य; कला और संस्कृति; खेल; मनोरंजन; पुरस्कार एवं सम्मान; व्यवसाय एवं वाणिज्य; समसामयिक घटनाएँ; लोगो और टैगलाइन पहचान; तथा तीन ऑडियो-विज़ुअल चरण सम्मिलित थे। प्रतियोगिता ने प्रतिभागियों की विश्लेषण क्षमता, सामान्य ज्ञान, दृश्य पहचान और त्वरित उत्तर देने की दक्षता की परीक्षा ली तथा संकायों के मध्य स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का समन्वयन प्रो. विजय सरोज, विधि संकाय द्वारा किया गया, जिससे कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद परिणाम घोषित किए गए, जिसमें सामाजिक विज्ञान संकाय प्रथम, वसंत महिला महाविद्यालय द्वितीय स्थान पर रहा और विधि संकाय ने तृतीय स्थान अर्जित किया।
























