विकसित भारत -जी राम जी कानून’ विषय पर ग्रामीण मीडिया कार्यशाला वार्तालाप का किया गया आयोजन

विकसित भारत -जी राम जी कानून’ आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में अहम कदम है- प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी
विकसित भारत -जी राम जी कानून’ सेवा, सुशासन एवं समृद्धि की अवधारणा पर आधारित है जिसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना है- दिलीप कुमार शुक्ल
वाराणसी:- 24 जनवरी से 28 जनवरी 2026 के बीच केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा ‘इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन एंड आउटरीच प्रोग्राम’ के तहत ‘विकसित भारत -जी राम जी कानून’,’सेवा,सुशासन एवं समृद्धि’ विषय पर मेजा तहसील के पंडित कृपा शंकर महाविद्यालय में पांच दिवसीय प्रदर्शनी तथा संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा आयोजन | पत्र सूचना कार्यालय द्वारा प्रयागराज जिले के मेजा तहसील के पंडित कृपाशंकर तिवारी महाविद्यालय में ‘वार्तालाप कार्यक्रम’ (ग्रामीण मीडिया कार्यशाला) का आयोजन किया गया | ‘कार्यशाला’ में हाल में भारतीय संसद द्वारा बनाये गये ‘विकसित -भारत जी राम जी कानून’ तथा केंद्र सरकार द्वारा जन कल्याण हेतु बनायी गयी नीतियों,जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं सन 2047 तक देश को विकसित बनाने के संकल्पों पर चर्चा हुई | कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकारों द्वारा भागीदारी की गयी |
कार्यक्रम के शुरुआत में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 पूर्ण होने के क्रम में उपस्थित लोगों द्वारा सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत का गायन किया गया | कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी,अतिथि एवं वक्ता के रूप में पूर्व उप शिक्षा निदेशक एवं समाजसेवी अशोक नाथ तिवारी,वरिष्ठ पत्रकार एवं अध्यक्ष बाल कल्याण समिति डॉ.अखिलेश मिश्रा,बैंक ऑफ़ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रबंधक अनूप शुक्ल तथा पत्र सूचना कार्यालय एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो, उत्तर प्रदेश के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल द्वारा संबोधित किया गया |
‘मीडिया कार्यशाला’ को संबोधित करते हुये काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि ‘विकसित भारत–जी राम जी कानून’ सेवा,सुशासन और समृद्धि की भावना पर आधारित एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाना है उन्होंने कहा कि यह कानून प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान करता है जो ‘मनरेगा’ के तहत दिये जाने वाली सौ दिनों के रोजगार की गारंटी से आगे का कदम है |
अतिथि एवं वक्त के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुये सेवानिवृत्त उप शिक्षा निदेशक एवं समाजसेवी अशोक नाथ तिवारी ने कहा कि ‘विकसित भारत -जी राम जी कानून’ सरकार की सेवा,सुशासन और समृद्धि की भावना पर आधारित है जो देश को विकास के मार्ग पर आगे ले जाने में सहायक सिद्ध होगा | वार्तालप कार्य्रकम के दौरान बाल कल्याण समिति के प्रयागराज के अध्यक्ष डां.अखिलेश कुमार मिश्रा ने कहा कि विकसित भारत केवल एक नारा नहीं,बल्कि देश के समग्र विकास का संकल्प है जिसकी आधारशिला ग्रामीण विकास पर टिकी है उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र’ बनाने की परिकल्पना प्रस्तुत की गयी है जिसमें गांवों की निर्णायक भूमिका होगी उन्होंने बताया कि मजदूरी का भुगतान 7 से 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य किया गया है ताकि श्रमिकों को समय पर लाभ मिल सके |
योजना की क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये डिजिटल भुगतान प्रणाली,बायोमेट्रिक सत्यापन,जियो- टैगिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है | श्री मिश्रा ने कहा कि योजना में ‘सोशल ऑडिट’ को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है जिसमें गांव के निवासी स्वयं निगरानी करेंगे | कार्यक्रम को अतिथि एवं वक्ता के रूप में बैंक ऑफ़ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रबंधक अनूप शुक्ल द्वारा संबोधित किया गया उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बैंक किस प्रकार से अपनी भूमिका निभाता है आम आदमी बैंक के माध्यम से किस प्रकार से लाभ प्राप्त कर अपनी आजीविका को चला सकता है |
निदेशक श्री शुक्ल ने कहा कि केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा प्रयागराज की मेजा तहसील में पंडित कृपाशंकर तिवारी महाविद्यालय में 24 जनवरी से 28 जनवरी 2026 के बीच इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन एंड आउटरीच प्रोग्राम के तहत ‘विकसित भारत-जी राम जी कानून’,’सेवा,सुशासन एवं समृद्धि’ विषय पर पांच दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है जिसमें ‘विकसित भारत -जी राम जी कानून के प्रावधानों,केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों की उपलब्धियों एवं प्रयासों तथा गणतंत्र दिवस से संबंधित विषय वस्तु को प्रदर्शित किया जायेगा ||





