वाराणसी में स्वामित्व योजना के अन्तर्गत मानचित्र के आधार पर एक नियोजित जल निकासी नेटवर्क पर सचिव,पंचायती राज मंत्रालय,भारत सरकार की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला

वाराणसी में अभिनव कार्यशाला सतत ग्राम विकास हेतु स्वामित्व योजना के डेटा के बहुउद्देशीय उपयोग का प्रदर्शन
वाराणसी :- उत्तर प्रदेश राज्य के पंचायती राज विभाग द्वारा भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के सहयोग से आयुक्त कार्यालय सभागार वाराणसी में “स्वामित्व योजना के डेटा का उपयोग करते हुए ग्राम ड्रेनेज योजना” विषय पर एक अग्रणी कार्यशाला का आयोजन किया गया | इस कार्यशाला में पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, अतिरिक्त सचिव आलोक प्रेम नगर तथा उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही |
कार्यशाला में यह प्रदर्शित किया गया कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत संकलित भू-स्थानिक (जियोस्पेशियल) डेटा का उपयोग केवल संपत्ति अभिलेखीकरण तक सीमित न रहकर,व्यापक जनहित में अनेक विकासात्मक उद्देश्यों की पूर्ति हेतु रणनीतिक रूप से किया जा सकता है | यह पहल ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को ‘विकसित पंचायतों’ के माध्यम से साकार करने में योगदान देती है |
इस अवसर पर वाराणसी जनपद के सात गांवों पूरे,कुरुहुआ,जयापुर,नागेपुर, बरियार,परमपुर एवं खखरिया में एक सफल प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) लागू किया गया | इस पहल में स्वामित्व योजना के अंतर्गत उपलब्ध उच्च-रिज़ॉल्यूशन ड्रोन आधारित भू-स्थानिक डेटा जैसे कि टेरेन मॉडलिंग हेतु पॉइंट क्लाउड डेटा एवं ऑर्थोमोज़ेक इमेजरी,को हाइड्रो-मौसम विज्ञान (हाइड्रोमेटियोरोलॉजिकल) डेटा के साथ संयोजित कर ग्राम स्तर पर नियोजित ड्रेनेज नेटवर्क विकसित किए गए तथा तालाबों के लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान की गई | भू-स्थानिक विश्लेषण का व्यापक फील्ड विज़िट्स और मैनुअल सर्वेक्षणों के माध्यम से सत्यापन किया गया जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि तकनीकी समाधान,ज़मीनी वास्तविकताओं और सामुदायिक आवश्यकताओं के अनुरूप हों | यह उदाहरण दर्शाता है कि डेटा संग्रह में किया गया एक निवेश ग्राम विकास के लिए अनेक अनुप्रयोगों में उपयोगी हो सकता है जो संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग का एक मॉडल है |
कार्यशाला में कुल 222 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया जिनमें 120 ग्राम प्रधान,60 पंचायत सचिव,16 परामर्शी अभियंता,16 खंड विकास अधिकारी एवं एडीओपी तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के दस कनिष्ठ अभियंता शामिल थे | ये प्रतिभागी सात पायलट गांवों तथा वाराणसी जनपद के सभी आठ विकास खंडों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे | विक्रेता एजेंसी डीपमैट्रिक्स द्वारा सात गांवों में किए गए पायलट प्रोजेक्ट पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई | इसके पश्चात एक संवाद सत्र आयोजित हुआ जिसमें पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने प्रतिभागियों से संवाद किया और उनके प्रश्नों एवं चिंताओं का समाधान किया | प्रतिभागियों के बहुमत ने ड्रेनेज योजना के लिए इस डेटा-आधारित दृष्टिकोण को अपनाने की इच्छा व्यक्त की जिससे इस पहल को व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए मजबूत जमीनी समर्थन परिलक्षित हुआ |
नियोजित ड्रेनेज नेटवर्क कृषि उत्पादकता, बाढ़ न्यूनीकरण,भूजल पुनर्भरण, जनस्वास्थ्य तथा जलवायु सहनशीलता के लिए आधारभूत महत्व रखते हैं | वास्तविक भू-आकृतिक विशेषताओं और जलवैज्ञानिक पैटर्न पर आधारित डेटा आधारित ड्रेनेज योजनाओं से पंचायतों को सशक्त बनाकर यह पहल ग्रामीण अवसंरचना और स्थानीय शासन क्षमता को प्रत्यक्ष रूप से सुदृढ़ करती है |
इस कार्यशाला से प्राप्त संरचित फीडबैक का उपयोग प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट को परिष्कृत करने,मानकीकृत करने और सुव्यवस्थित करने में किया जाएगा ताकि स्वामित्व योजना के अंतर्गत सर्वेक्षण किए गए देशभर के सभी गांवों में इसे लागू किया जा सके | यह स्केलेबल मॉडल दर्शाता है कि मौजूदा डिजिटल अवसंरचना के रणनीतिक एवं सुविचारित उपयोग से ग्रामीण परिवर्तन को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा सकता है और सशक्त विकसित पंचायतों के माध्यम से विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार किया जा सकता है ||





