वाराणसी में केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने 885 कारीगरों को 1602 मशीनें और टूलकिट वितरित किए

सेवापुरी में मंडलीय कार्यालय वाराणसी द्वारा ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत भव्य वितरण कार्यक्रम का आयोजन
वाराणसी के जिला उद्यम एवं उद्योग प्रोत्साहन केंद्र के प्रशासनिक भवन परिसर में राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन अध्यक्ष केवीआईसी ने किया
26 फरवरी तक चलने वाली प्रदर्शनी में खादी और ग्रामोद्योग से जुड़े 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए
अध्यक्ष केवीआईसी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ परिकल्पना को साकार करने में खादी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और ‘नए भारत की नई खादी’ स्वदेशी व स्वरोजगार का सशक्त प्रतीक बन चुकी है
वाराणसी :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए 19 फ़रवरी गुरुवार को सेवापुरी स्थित गांधी आश्रम के खादी एवं ग्रामोद्योग विद्यालय परिसर में ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया | कार्यक्रम का उद्देश्य ‘हर घर स्वदेशी-घर- घर स्वदेशी’ को मजबूत करना और नए भारत की नई खादी’ को प्रोत्साहन देना था | इस अवसर पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी),सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय,भारत सरकार के अध्यक्ष मनोज कुमार ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य हंसराज विश्वकर्मा की उपस्थिति में 885 प्रशिक्षित कारीगरों को कुल 1602 उपकरण एवं टूलकिट वितरित किए जिनमें वर्चुअल माध्यम से केवीआईसी के मध्य क्षेत्र के अंतर्गत राज्य कार्यालय लखनऊ एवं देहरादून में वितरित 450 बी-बॉक्स भी शामिल हैं | इससे कारीगरों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार को बल मिलेगा |
इसी क्रम में वाराणसी के जिला उद्यम एवं उद्योग प्रोत्साहन केंद्र चाँदपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रशासनिक भवन परिसर में राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया | प्रदर्शनी 26 फरवरी तक चलेगी इसमें विभिन्न राज्यों के 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री जी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के विजन को प्रदर्शित करती है | इसका उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना है साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति देना है |
कारीगरों को संबोधित करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी अब वैश्विक ब्रांड बनने की दिशा में अग्रसर है | उन्होंने कहा कि नए भारत की नई खादी’ केवल वत्र नहीं,बल्कि आत्मनिर्भरता,उद्यमिता और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रतीक बन चुकी है उन्होंने आगे कहा कि ग्रामोद्योग विकास योजना प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का महत्वपूर्ण अंग है जो ग्रामीण कारीगरों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है |
इस अवसर पर मंडलीय कार्यालय वाराणसी की परिधि में आने वाले कारीगरों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न उपकरणों का वितरण किया गया जिनमें 580 विद्युत चालित चाक,400 बी-बॉक्स,दस फुटवियर निर्माण मशीन, 100 फुटवियर रिपेयरिंग टूलकिट,दस ऑटोमैटिक अगरबत्ती मशीन,चार सेट तेल घानी मशीन,आठ सेट दोना-पत्तल निर्माण मशीन तथा 40 वेस्ट वुड क्राफ्ट टूलकिट शामिल हैं साथ ही,वर्चुअल माध्यम से लखनऊ में 200 व देहरादून में 250 बी-बॉक्स का भी वितरण किया गया |
अध्यक्ष केवीआईसी मनोज कुमार ने मंडलीय कार्यालय वाराणसी में खादी और ग्रामोद्योग के विकास पर चर्चा करते हुए यह भी बताया गया कि मंडलीय कार्यालय वाराणसी के अंतर्गत 111 खादी संस्थाएं कार्यरत हैं जिसके माध्यम से 25500 से अधिक कत्तिन,बुनकर एवं खादी कार्यकर्ताओं को रोजगार मिल रहा है | विगत चार वित्तीय वर्षों तथा चालू वित्तीय वर्ष (जनवरी 2026 तक) के दौरान इन खादी संस्थाओं ने लगभग 845 करोड़ रुपये का उत्पादन और 1,208 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री कर उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है |
विगत चार वित्तीय वर्षों तथा चालू वित्तीय वर्ष (2021-22 से 2025-26) के दौरान ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत लगभग 3700 बी-बॉक्स,2980 विद्युत चालित चाक,435 फुटवियर मशीन- टूलकिट,160 अगरबत्ती मशीन,280 वेस्ट वुड एवं वुडन टॉय टूलकिट,27 पेपर प्लेट, दोना-पत्तल मशीन सेट तथा 580 सिलाई मशीन वितरित कर कारीगरों को सशक्त किया गया है |
अध्यक्ष केवीआईसी ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ‘भारत का ग्रोथ इंजन’ बनाने तथा पलायन रोकने के उद्देश्य से खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है उन्होंने कहा कि मंडलीय कार्यालय वाराणसी के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से अब तक पीएमईजीपी के तहत कुल 10,044 इकाइयों की स्थापना की गई है जिनके लिए 407.59 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी जारी की गई। इन इकाइयों के माध्यम से 1,10,000 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं |
वितरण कार्यक्रम के उपरांत अध्यक्ष केवीआईसी ने वाराणसी के जिला उद्यम एवं उद्योग प्रोत्साहन केंद्र के चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रशासनिक भवन परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया | उन्होंने यहां पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर स्वदेशी-घर-घर स्वदेशी’ अभियान को वाराणसी के जन-जन तक पहुंचाने के लिए केवीआईसी ने इस प्रदर्शनी का आयोजन किया है उन्होंने बताया कि यहां पर उत्तर प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों के 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं जिसमें 26 स्टॉल खादी उत्पादों के तथा 24 से अधिक उत्पाद ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों के हैं उन्होंने वाराणसी के नागरिकों से अपील किया कि वो अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनी में आएं और प्रधानमंत्री जी के ‘स्वदेशी भारत अभियान’ से जुड़ें उन्होंने बताया कि विगत 11 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग का कारोबार 1.70 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है जबकि इस अवधि में दो करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है |
कार्यक्रम में खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्रामोद्योग विकास योजना के लाभार्थी खादी कार्यकर्ता समेत उत्तर प्रदेश सरकार और केवीआईसी के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे ||
























