मिर्जामुराद : ज्ञान और विद्या की देवी माँ वीणावादिनी का हुआ भव्य पूजन, गांव-गांव गूंजे भक्ति के स्वर

वाराणसी। मिर्जामुराद क्षेत्र में शुक्रवार को ज्ञान की देवी माँ वीणावादिनी (सरस्वती) का पूजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। गौर मधुकरशाहपुर, गौर बंगला चट्टी, मुबारकपुर, लक्षापुर, प्रतापपुर और नागेपुर सहित दर्जनों गांवों में सरस्वती पूजा धूमधाम से मनाई गई। हवन-पूजन के साथ माँ सरस्वती की प्रतिमाओं पर श्रद्धालुओं और बच्चों ने माल्यार्पण कर आराधना की और बसंत ऋतु का उल्लासपूर्ण स्वागत किया।
सुबह से ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। विधि-विधान से हवन-पूजन के बाद भक्तों ने माँ सरस्वती से विद्या, बुद्धि और संस्कार का आशीर्वाद मांगा। खासकर बच्चों में पूजा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने माँ की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित कर मनोयोग से आराधना की।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
पूजनोत्सव के अवसर पर कई गांवों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। गीत, नृत्य और कला प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी उल्लासमय बना दिया। उत्कृष्ट कला प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को सरस्वती पूजा समिति के अध्यक्ष रमेश बिंद और संरक्षक आजाद बिंद व राजेश बिंद द्वारा सम्मानित किया गया, जिससे कलाकारों का उत्साह बढ़ा।
मुबारकपुर बाजार में सजा भव्य पंडाल
उधर, मुबारकपुर बाजार में ग्रामीण युवा मंच के बैनर तले भव्य पंडाल सजाकर माँ सरस्वती की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की गई। यहां पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पूजनोत्सव मनाया गया। युवाओं और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से आयोजन खासा भव्य नजर आया।
भक्ति और उल्लास का संगम
सरस्वती पूजा के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा। गांव-गांव में गूंजते मंत्रोच्चार, बच्चों की उमंग और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि विद्या और संस्कार आज भी ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं।






