बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में फंक्शनल डेयरी फूड्स पर उन्नत संकाय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन

वाराणसी:- कृषि विज्ञान संस्थान, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के डेयरी विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग (DSFT) द्वारा 21 दिवसीय आईसीएआर प्रायोजित एडवांस्ड फैकल्टी ट्रेनिंग (CAFT) कार्यक्रम “फंक्शनल डेयरी फूड्स कॉन्सेप्ट से कमर्शियलाइजेशन” का समापन समारोह कमधेनु हॉल,डेयरी विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग बीएचयू में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया | यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तत्वावधान में आयोजित किया गया जिसका उद्देश्य फंक्शनल डेयरी फूड्स,मूल्य संवर्धन,खाद्य सुरक्षा तथा व्यावसायीकरण के उभरते क्षेत्रों में संकाय दक्षता,अनुसंधान क्षमता एवं उद्योगोन्मुख सोच को सुदृढ़ करना था | आईसीएआर सीएएफटी दिशानिर्देशों के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के आईसीएआर मान्यता प्राप्त संस्थानों,राज्य कृषि विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध कृषि संस्थानों से चयनित 13 प्रतिभागियों (वैज्ञानिक,सहायक प्राध्यापक एवं शिक्षाविद) ने भाग लिया | तीन सप्ताह की अवधि में प्रतिभागियों को फंक्शनल डेयरी फूड्स,जैव सक्रिय दुग्ध घटक,फोर्टिफिकेशन रणनीतियाँ, प्रसंस्करण तकनीक,नियामक अनुपालन, गुणवत्ता आश्वासन तथा व्यावसायीकरण मार्गों पर गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया | यह समापन समारोह इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम के औपचारिक समापन का प्रतीक रहा |
समारोह का शुभारंभ भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया | समारोह में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रशासक,संकाय सदस्य,आमंत्रित विशिष्ट अतिथि,उद्योग प्रतिनिधि एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे |
समारोह में प्रो.अमित पात्रा निदेशक आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे | अपने समापन संबोधन में उन्होंने आईसीएआर ढांचे के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन हेतु डेयरी विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग के प्रयासों की सराहना की उन्होंने कहा कि सीएएफटी जैसे उन्नत संकाय प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नवीन वैज्ञानिक ज्ञान,नियामक जागरूकता एवं उद्योगोन्मुख कौशल प्रदान कर शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाते हैं उन्होंने खाद्य सुरक्षा,पोषण,सतत विकास तथा मूल्य संवर्धित डेयरी प्रसंस्करण से जुड़ी उभरती चुनौतियों के समाधान हेतु अंतर्विषयक अनुसंधान,नवाचार एवं अकादमिक उद्योग सहयोग के महत्व पर बल दिया उन्होंने यह भी कहा कि फंक्शनल फूड क्षेत्र में जनस्वास्थ्य सुधार एवं आर्थिक अवसरों की व्यापक संभावनाएँ हैं तथा प्रशिक्षित संकाय सदस्य वैज्ञानिक खोजों को व्यावहारिक अनुप्रयोगों एवं बाजार उपयुक्त तकनीकों में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं |
जय अग्रवाल प्रबंध निदेशक,ज्ञान डेयरी (सह-संस्थापक,सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स प्रा.लि.) विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित रहे उन्होंने फंक्शनल डेयरी उत्पादों के व्यावसायीकरण पर उद्योग जगत का दृष्टिकोण साझा किया तथा अकादमिक उद्योग सहयोग को सुदृढ़ करने में सीएएफटी कार्यक्रम की भूमिका को रेखांकित किया | उन्होंने कहा कि नवाचार,गुणवत्ता आश्वासन,नियामक अनुपालन एवं उपभोक्ता स्वीकृति प्रतिस्पर्धी बाजार में फंक्शनल डेयरी उत्पादों की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षित प्रतिभागी सुरक्षित, पोषणयुक्त एवं व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य डेयरी उत्पादों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और उद्यमिता तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से भारतीय डेयरी उद्योग को सुदृढ़ करेंगे |
समारोह की अध्यक्षता निदेशक कृषि विज्ञान संस्थान (I.Ag.Sc.), बीएचयू द्वारा की गई | अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि यह सीएएफटी कार्यक्रम संस्थान की कुशल मानव संसाधन विकास एवं अनुसंधान आधारित नवाचार को बढ़ावा देने की परिकल्पना के अनुरूप है उन्होंने ऐसे उन्नत संकाय प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शिक्षण गुणवत्ता,संस्थागत अनुसंधान क्षमता तथा खाद्य प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं पोषण सुरक्षा जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को सुदृढ़ करने में अत्यंत उपयोगी बताया तथा विभाग के प्रयासों की सराहना की |
प्रो.अनिल कुमार चौहान वरिष्ठ प्रोफेसर एवं कोर्स डायरेक्टर (CAFT) ने प्रतिभागियों को कार्यक्रम के सफल समापन पर बधाई दी और कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मौलिक डेयरी विज्ञान एवं नवाचार आधारित फंक्शनल फूड बाजार के बीच की दूरी को पाटने के उद्देश्य से तैयार किया गया था | उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को वैज्ञानिक सिद्धांतों,उन्नत प्रसंस्करण तकनीकों,नियामक आवश्यकताओं तथा उद्यमिता सोच की सशक्त आधारशिला प्रदान की गई है उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतिभागी अपने-अपने संस्थानों में ज्ञान प्रसारक बनकर क्षमता निर्माण,पाठ्यक्रम विकास एवं अनुसंधान उन्नयन में महत्वपूर्ण योगदान देंगे |
कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट डॉ.तरुण वर्मा सहायक प्रोफेसर एवं कोर्स कोऑर्डिनेटर (CAFT) द्वारा प्रस्तुत की गई उन्होंने विशेषज्ञ वैज्ञानिकों एवं उद्योग विशेषज्ञों द्वारा दिए गए व्याख्यान,प्रयोगशाला प्रदर्शन,प्रायोगिक सत्र,औद्योगिक भ्रमण, समूह चर्चा,केस स्टडी तथा संवादात्मक सत्रों सहित कार्यक्रम की प्रमुख शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी | उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में जैव सक्रिय दुग्ध घटक,फंक्शनल अवयव,फोर्टिफिकेशन तकनीक,खाद्य सुरक्षा,नियामक ढांचा,उत्पाद विकास, शेल्फ लाइफ मूल्यांकन एवं व्यावसायीकरण रणनीतियों को शामिल किया गया उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सीएएफटी कार्यक्रम के अंतर्गत पहली बार पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु पौधरोपण अभियान तथा प्रतिभागियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया | उन्होंने आईसीएआर,विश्वविद्यालय प्रशासन, आमंत्रित वक्ताओं एवं आयोजन टीम के प्रति आभार व्यक्त किया | समारोह के दौरान कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए |
प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण की शैक्षणिक गुणवत्ता,व्यावहारिक अनुभव तथा विशेषज्ञों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद के अवसरों की सराहना की | अंत में डॉ. अरविंद कुमार,एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन, आईसीएआर अधिकारियों,विशिष्ट अतिथियों,संकाय सदस्यों,प्रशासनिक कर्मचारियों,छात्रों एवं प्रशिक्षणार्थियों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया |
मंच संचालन डॉ.अंकिता हुड्डा,सहायक प्रोफेसर द्वारा कुशलता पूर्वक किया गया कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ ||






