पूर्वांचल डिस्कॉम के ‘अघोषित किंग’ की विदाई;चौथी मंजिल’ के साम्राज्य को आशीष गोयल ने एक झटके में ढाया!चौथी मंजिल के ‘नायक’ अरविंद नायक का पत्ता साफ, दक्षिणांचल भेजे गए

एमडी की सिफारिश रही बेअसर!
वाराणसी02जनवरी: साल 2026 के पहले ही दिन यूपीपीसीएल चेयरमैन आशीष गोयल ने बिजली विभाग में प्रशासनिक भूचाल ला दिया है। पूर्वांचल डिस्कॉम की ‘चौथी मंजिल’ से अघोषित सत्ता चलाने वाले मुख्य अभियंता अरविंद नायक को तत्काल प्रभाव से हटाकर दक्षिणांचल (आगरा) भेज दिया गया है। नायक की विदाई को पूर्वांचल के एक विवादित ‘साम्राज्य’ के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
चौथी मंजिल बनाम तीसरी मंजिल: सत्ता का केंद्र
पूर्वांचल डिस्कॉम के गलियारों में यह चर्चा आम थी कि भले ही प्रबन्ध निदेशक तीसरी मंजिल पर बैठते थे, लेकिन विभाग का वास्तविक कंट्रोल और महत्वपूर्ण फाइलें चौथी मंजिल पर अरविंद नायक के पास ही रहती थीं। उन्हें अघोषित तौर पर ‘निदेशक कार्मिक’ माना जाता था, जिनके इशारे पर तबादले और नियुक्तियां तय होती थीं।
दागदार विरासत और अनियमितताओं का साम्राज्य
अरविंद नायक का पूर्वांचल का कार्यकाल अनियमितताओं और गड़बड़ियों के लिए याद किया जाएगा। चर्चा है कि उन्होंने अपने पीछे भ्रष्टाचार का एक ऐसा तंत्र छोड़ा है, जिसे पूर्वांचल के इतिहास के सबसे दागदार पलों में गिना जाएगा।
पॉवर कॉरिडोर में जमकर चर्चा है कि प्रबंध निदेशक पूर्वांचल की भी सिफारिश इस तबादले में काम न आई।अध्यक्ष पॉवर कॉरपोरेशन ने देर से ही सही अपना चाबुक चलाया।
खेमेबाजी: नायक ने विभाग के भीतर अपना एक खास ‘खेमा’ तैयार कर लिया था, जिसमें उनके चहेते अधिकारियों को मलाईदार पोस्टिंग और संरक्षण मिलता था।
निराशा की लहर: नायक के तबादले की खबर लगते ही उनके खेमे के अधिकारियों में भारी निराशा और डर फैल गया है। कई अधिकारी अब अपनी कुर्सी बचाने के लिए नए समीकरण तलाश रहे हैं।
चेयरमैन आशीष गोयल का ‘सर्जिकल स्ट्राइक‘
2026 के पहले ही दिन चेयरमैन आशीष गोयल ने इस बड़े तबादले से स्पष्ट संदेश दे दिया है कि ‘सुपर पावर’ बनकर विभाग चलाने वालों की अब खैर नहीं है। नायक को दक्षिणांचल भेजना केवल एक तबादला नहीं, बल्कि पूर्वांचल डिस्कॉम की छवि सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि मनपसंद की सीट की जगह यह नया आदेश थमाया गया है।
अब सबकी नजर तीसरी मंजिल पर
अब सबसे बड़ा और दिलचस्प सवाल यह है कि अरविंद नायक की खाली हुई इस ताकतवर कुर्सी पर पूर्वांचल एमडी किसे बैठाते हैं। क्या नया अधिकारी नायक द्वारा छोड़े गए ‘दागदार साम्राज्य’ की सफाई करेगा या फिर सत्ता का समीकरण वही रहेगा?
लम्बे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतों के लगभग तीन महीने बाद यह कारवाई एक सकारात्मक संकेत है।पूर्वांचल के अधिकतर अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली





