वाराणसी/उत्तरप्रदेश
घरेलू हिंसा के अपराध में पीड़िता को मिला न्याय

वाराणसी । माननीय न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट 14 कि न्यायालय द्वारा वादिनि जागृति मिश्रा द्वारा महिला संरक्षण अधिनियम के अपराध के अंतर्गत दाखिल आवेदन को फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष कुमार उपाध्याय द्वारा तर्क रखते हुए आवेदिका के साथ हुए अपराध को माननीय न्यायालय के समक्ष बताया गया। जिसको सुनकर और अवलोकन करने के बाद। माननीय न्यायालय द्वारा एक पक्षी आदेश पारित करते हुए। महिला संरक्षण अपराध 2005 की धारा 22 के अंतर्गत पीड़िता को एक मुस्त ₹40000 व 5000 प्रति माह भरण पोषण के तौर पर पीड़िता को विपक्षी गण द्वारा देने का आदेश पारित किया गया। तथा संबंधित थाना को निर्देशित किया गया कि पीड़िता के साथ भविष्य में कोई महिला संबंधित अपराध की घटना घटित ना हो।





