ग्राम अमीनाबाद में आवारा पशुओं की दुर्दशा, योजना के बावजूद नहीं हो रहा समाधान

ग्राम अमीनाबाद में आवारा पशुओं की दुर्दशा, योजना के बावजूद नहीं हो रहा समाधान
स्योहारा (बिजनौर)। ग्राम अमीनाबाद के ग्रामीण इन दिनों सरकार की “आवारा पशु सहायता योजना” के प्रभावी क्रियान्वयन के अभाव में आक्रोशित हैं। गांव में पशुओं के लिए बनाए जाने वाले टिन शेड वर्षों बाद भी नहीं बन पाए हैं, जिससे बरसात, गर्मी और सर्दी में ये पशु खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
ग्राम निवासी प्रशांत कुमार के अनुसार, गांव में लगभग 65 ग्रामीणों ने गौशाला से करीब 300 आवारा पशुओं को गोद लिया है। योजना के तहत एक पशु पर प्रतिदिन ₹50 चारे के लिए दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन यह धनराशि 5-6 महीने की देरी से मिलती है, जिससे गोद लेने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल और लिखित पत्रों के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
प्रत्येक पशु के लिए टिन शेड और पानी की व्यवस्था की जाए।
चारा भत्ता समय पर उपलब्ध कराया जाए।
ग्राम प्रधान की धमकीपूर्ण रवैये की जांच कराई जाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे ग्राम प्रधान से इस समस्या पर बात करते हैं तो वह उन्हें SC/ST एक्ट में फंसाने की धमकी देता है, जिससे वे भयभीत रहते हैं। वहीं बरसात के कारण जंगलों से चारा लाना भी मुश्किल हो गया है।
इस विषय में संवाददाता ने ग्राम प्रधान और सचिव से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
गोविंद सिंह, सत्यवीर, मीनू, जोगिंदर, अर्जुन, बुद्धू सिंह, जय सिंह, सोमपाल सिंह, प्रशांत गुर्जर, ओमवीर सिंह, सुरेश सिंह, पप्पू, निर्मला देवी, कृपा देवी, बब्बू सिंह, वेद प्रकाश सिंह, खेम सिंह, महिपाल सिंह, यशपाल सिंह, नरेश देवी, रेणु कुमार, ओकेश देवी, ममता और अन्य ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
आईरा न्यूज़ नेटवर्क





