गंगा डॉल्फिन के संरक्षण हेतु आयोजित कार्यशाला / प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

डाल्फिन गणना वर्ष– 2025 से 2027 तक गंगा व इसकी समस्त सहायक नदियों में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून द्वारा राज्य वन विभाग के सहयोग से की जा रही है
वाराणसी। उत्तर प्रदेश गंगा नदी में डाल्फिन की गणना हेतु सारनाथ स्थित बुद्धा थीम पार्क एथनिक रिज़ॉर्ट सारनाथ में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन डा० रवि कुमार सिंह, आई०एफ०एस०, वाराणासी वृत्त, वाराणसी द्वारा किया गया गया। कार्यशाला के प्रथम सत्र तकनीकि सत्र था जिसमें डाल्फिन की गणना करते समय उपयोग किये जाने वाले उपकरणों तथा गणना के तरीको के बारे में विषय विशेषज्ञयों द्वारा जानकारी दी गयी। कार्यक्रम के दूसरे एवं अन्तिम सत्र में नमों घाट पर गंगा नदी में डाल्फिन गणना का प्रयोगिक प्रशिक्षण दिया गया।
इस कार्यशाला / प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाराणसी वन प्रभाग, काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर, भदोही वन प्रभाग, गाजीपुर वन प्रभाग बलिया वन प्रभाग एवं मिर्जापुर वन प्रभाग के क्षेत्रीय वनाधिकारी, उप क्षेत्रीय वनाधिकारी, वन दरोगा व वन रक्षक द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून के वैज्ञानिक डा० विनीत सिंह, अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में बी० शिवशंकर प्रभागीय वनाधिकारी वाराणसी एवं अरविन्द कुमार उप प्रभागीय वनाधिकारी, वाराणसी द्वारा डॉल्फिन को संरक्षित रखने हेतु अपना-अपना भी विचार व्यक्त किया गया।
डाल्फिन गणना वर्ष– 2025 से 2027 तक गंगा व इसकी समस्त सहायक नदियों में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून द्वारा राज्य वन विभाग के सहयोग से की जा रही है। 03 मार्च 2025 को अर्न्तराष्ट्रीय वन्यजीव दिवस पर किया गया था।
























