इत्तेहाद अब्नाय सलफिया बनारस के जर एहतमाम 18 वा सालाना इजलास ए आम ईदगाह अहले हदीस

वाराणसी । इत्तेहाद अब्नाय सलफिया बनारस के जर एहतमाम 18 वा सालाना इजलास ए आम ईदगाह अहले हदीस फातमान रोड सिगरा में आयोजित किया गया जलसे का आगाज कुरान शरीफ की तिलावत से हुआ उसके बाद हम्द व नात पढ़ी गई उसके बाद शारजाह से आए हुए शेख जफरुल हसन मदनी ने कहा कि मनहज सलफ ही इस्लाम का असल रास्ता है यह वह रास्ते हैं जिस पर अल्लाह के रसूल मोहम्मद सल्ल० और उनके साहबा रजि० का अमल था जो खाली तोहिद का रास्ता है हमें कुरान व सही हदीस पर अमल करके दुनिया और आखिरत दोनों कामयाब कर सकते है बहराइच से आए मौलाना अब्दुल अलीम जलाली मदनी ने कहा कि इंसान को अल्लाह से डरना चाहिए खास कर तन्हाइयों में जब गुनाह का डर रहता है दुनिया के हर इंसानों को चाहिए जब वह कोई गलत काम या गुनाह करें तो उसके अंदर अल्लाह का खौफ पैदा हो अल्लाह का डर पैदा हो तो इंसान गलत कामों से बचेगा ही मौलाना डा० अब्दुल गफ्फार सलफी ने कहा कि आज नौजवानों की जिम्मेदारी है कि समाज में फैली हुई बुराइयों को दूर करें और मजहब ए इस्लाम पर चलते हुए बुराइयों को रोके और नेकी करें मोबाइल को सिर्फ अपने काम के लिए इस्तेमाल करें और गलत कामों से बचे दीनी और दुनियावी तालीम हासिल करे, मौलाना जफर नोमन मक्की ने कहा कि इस्लाम ने महिलाओं को जो मुकाम दिया वह किसी मजहब वालों ने नहीं दिया इस्लाम पहला दीन था जिसने औरतों को घर की मलिका करार दिया उनको संपत्ति में हिस्सा दिया मां के पैर के नीचे जन्नत करार दिया औरत के लिए पर्दे का हुक्म दिया ताकि बुरे लोगों की बुरी नजर उसके ऊपर ना पड़े और परदे में रहते हुए हर काम कर सके मुहम्मद सल्ल० ने फरमाया कि औरत अगर रात में भी मस्जिद जाने की इजाजत मांगे तो उनको न जाए जलसे के सरपरस्त मौलाना अहसान जमील मदनी ने कहा कि लोगों को हराम काम से बचना चाहिए तथा रोजी हलाल रास्ते से कमानी चाहिए इस्लाम में जिना करने वालों की सजा मौत है जिना करने वालों को मौत की सजा दी जानी चाहिए जलसे की सदारत करते हुए मौलाना अब्दुल्लाह सउद सलफी ने कहा कि मुसलमान के लिए तालीम बहुत जरूरी है क्योंकि कुरान की पहली आयत इकरा बिस्में थी जिसका मतलब पढ़ना था इसलिए हमें चाहिए कि हमें दीनी और दुनियावी तालीम हासिल करे जलसे की निजामत अब्दुल रहमान सलफी ने किया आखिर में शुक्रिया अब्दुल रकीब हैप्पी एडवोकेट ने किया जलसे में बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की औरतों के लिए पर्दे का अलग से इंतजाम था जलसे में मुख्य रूप से मौलाना मोहम्मद ओसामा सल्फी मौलाना अब्दुल रहीम रियाजी मौलाना नादिर लुत्फी मौलाना निसार अहमद मौलाना मकसूद जमाल मौलाना जुबियान इत्यादि मौजूद थे





