अतिथि देवो भव: की भूमि काशी में नफरत बर्दाश्त नहीं -अजय राय

वाराणसी 30दिसंबर: गंगा घाट पर जापानी पर्यटकों के साथ हुई अभद्रता के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने इस घटना पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे प्रदेश की कानून-व्यवस्था के लिए एक ‘भयावह तस्वीर’ करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि काशी जैसे आध्यात्मिक केंद्र में इस तरह की कट्टरता और गुंडागर्दी के लिए कोई स्थान नहीं है।
‘सांता कैप’ पहनने पर बदसलूकी निंदनीय
अजय राय ने कहा कि यह घटना अत्यंत शर्मनाक है कि केवल सांता क्लॉज की टोपी पहनने के कारण विदेशी पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि:
सत्ता के संरक्षण में असामाजिक तत्वों को खुली छूट मिली हुई है।
पहले अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया और अब विदेशी पर्यटक भी सुरक्षित नहीं हैं।
यह घटना प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र की वैश्विक छवि को धूमिल करती है, जिसे पूरी दुनिया सहिष्णुता के केंद्र के रूप में जानती है।
पर्यटन और वैश्विक छवि पर प्रहार
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने चिंता जताते हुए कहा कि वाराणसी और सारनाथ अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सर्किट के प्रमुख केंद्र हैं। ऐसी घटनाओं से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत की ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा और वैश्विक साख को गहरा धक्का लगता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह भविष्य में ऐसी अराजकता को खुला निमंत्रण होगा।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें:
CCTV फुटेज से पहचान: घाटों पर लगे कैमरों की जांच कर दोषियों को तत्काल चिह्नित किया जाए।
उच्चस्तरीय जांच: मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
सुरक्षा की गारंटी: सरकार सुनिश्चित करे कि भविष्य में किसी भी देशी या विदेशी पर्यटक के साथ ऐसी घटना न हो।
“काशी की पहचान प्रेम, भाईचारे और संस्कृति से है। यदि सरकार इस भीड़तंत्र पर चुप्पी साधे रहती है, तो यह माना जाएगा कि अराजक तत्वों को सरकारी संरक्षण प्राप्त है। कांग्रेस शांति और सद्भाव की बहाली के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।” — अजय राय





